PM Modi का बड़ा संदेश 9 संकल्प से बनेगा मजबूत और टिकाऊ भारत

कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरी में PM Modi ने श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक विकास के बीच संतुलन पर जोर देते हुए देशवासियों को एक मजबूत और टिकाऊ भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

मठ के सिद्धांतों से प्रेरणा

अपने संबोधन में PM Modi ने कहा कि श्री आदि चुंचनगिरी महास्थान मठ “अन्न, अक्षर, आरोग्य, अध्यात्म, आश्रय, अरण्य, अनुकंपा और अनुबंध” जैसे मूल सिद्धांतों पर कार्य करता है। उन्होंने इन सिद्धांतों को समाज के समग्र विकास का आधार बताते हुए कहा कि इन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने नौ प्रमुख आग्रह देश के सामने रखे हैं।

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PM Modi का जल संरक्षण और पर्यावरण पर जोर

PM Modi ने मांड्या क्षेत्र की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र मां कावेरी के आशीर्वाद से पला-बढ़ा है और यहां के लोग पानी के महत्व को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने अपने पहले आग्रह में जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को अपनाने का संकल्प लेने की अपील की।

दूसरे आग्रह में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए और धरती माता की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

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स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और पर्यटन

तीसरे आग्रह में PM Modi ने स्वच्छता को जन आंदोलन बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थल हो या सार्वजनिक स्थान, गांव हो या शहर—हर जगह स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

चौथे आग्रह में उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात कही और लोगों से “वोकल फॉर लोकल” अपनाने का आग्रह किया।

पांचवें आग्रह में उन्होंने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि देश की सुंदरता और विविधता को जानना और समझना हर नागरिक का कर्तव्य है।

किसानों और स्वास्थ्य पर फोकस

प्रधानमंत्री ने छठे आग्रह में किसानों से प्राकृतिक और केमिकल मुक्त खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ भोजन भी मिलेगा।

सातवें आग्रह में उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए मिलेट्स को भोजन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मोटापा देश के सामने एक बड़ी चुनौती बन रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए तेल की खपत कम करना जरूरी है।

फिटनेस और सेवा भावना का संदेश

आठवें आग्रह में प्रधानमंत्री ने योग, खेल और फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही मजबूत राष्ट्र की नींव है।

अंतिम और नौवें आग्रह में उन्होंने सेवा भावना को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज के लिए काम करना ही सच्ची मानवता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सेवा और सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि इन नौ संकल्पों को अपनाकर देश एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सतत भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब पूरा समाज मिलकर काम करता है, तो बड़े से बड़ा बदलाव संभव हो जाता है।

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