“दलित Congress में निभाएंगे केंद्रीय भूमिका”: Rahul Gandhi ने मानी अतीत की गलतियां, बहुजन राजनीति पर दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली स्थित Congress मुख्यालय में आयोजित अनुसूचित जाति विभाग की बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दलित समुदाय को लेकर Congress की रणनीति और पार्टी की पिछली राजनीतिक गलतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस ने 1980 और 1990 के दशक में दलित समाज के हितों के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाए होते, तो जाति आधारित क्षेत्रीय दलों के उभरने की स्थिति शायद पैदा नहीं होती।
विषय सूची
Congress की पुरानी रणनीति पर आत्ममंथन
राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि दलित समुदाय के एक बड़े हिस्से का Congress से दूर होना पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय है। उन्होंने कहा कि अतीत की कमियों के कारण कई नए राजनीतिक विकल्प सामने आए और दलित समाज ने उन दलों पर भरोसा जताया, जो उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे थे।
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कांशीराम के योगदान की सराहना
बैठक में राहुल गांधी ने बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने दलित समाज को संगठित करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। राहुल गांधी ने माना कि सामाजिक चेतना और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
“दलित कांग्रेस में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे”
राहुल गांधी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में दलित समुदाय कांग्रेस संगठन और उसकी राजनीतिक दिशा में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के विचारों और उनके सपनों को आगे बढ़ाने की बात दोहराई।
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सामाजिक न्याय की राजनीति पर जोर
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर्याप्त प्राथमिकता नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन वर्गों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी तथा सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।
यूपी चुनावों से पहले बढ़ी सक्रियता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की यह पहल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले दलित और पिछड़े वर्गों के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। हाल के महीनों में राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना, हिस्सेदारी और संविधान की रक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
हाल ही में रायबरेली दौरे के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी की प्रतिमा का अनावरण किया और बहुजन समाज से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वहीं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के नेताओं द्वारा भी दलित समुदाय के बीच संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने की कोशिशें तेज की गई हैं।
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