PM Modi पर Pramod Tiwari का पलटवार, बोले- पहले BJP का इतिहास देखें

कर्नाटक की राजनीति को लेकर PM Modi और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में भारी नाराज़गी है और इसी वजह से पार्टी को मुख्यमंत्री बदलना पड़ा। तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर मुख्यमंत्री बदलने के इतिहास को देखना चाहिए।
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PM Modi के बयान पर कांग्रेस का जवाब
प्रमोद तिवारी ने कहा कि PM Modi शायद भूल गए हैं कि भाजपा शासित राज्यों में कितनी बार मुख्यमंत्री बदले गए हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने कई मौकों पर अपने ही मुख्यमंत्रियों को बदला है।
तिवारी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री बदलना जनता की नाराज़गी का संकेत माना जाए, तो भाजपा को पहले अपने राजनीतिक फैसलों का भी मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन राज्यों में भी इतनी नाराज़गी थी कि पूरी सरकार या नेतृत्व को बदलना पड़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी अन्य दल की आलोचना करने से पहले भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए।
क्या बोले थे प्रधानमंत्री मोदी?
दरअसल, PM Modi ने शुक्रवार को गुजरात के सूरत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कर्नाटक की राजनीति का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में कांग्रेस सरकार के प्रति जनता के बीच भारी असंतोष है और इसी कारण पार्टी को मुख्यमंत्री बदलने का फैसला करना पड़ा।
PM Modi ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश अब नकारात्मक राजनीति से आगे बढ़ चुका है और विकास तथा प्रगति की राजनीति को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज उम्मीदों, सपनों और संकल्पों से भरा हुआ देश है, जहां नागरिक अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
विकास को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
PM Modi ने कहा कि उनकी सरकार देश के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को लगातार जनता का समर्थन इसलिए मिल रहा है क्योंकि लोग पार्टी की विकास नीतियों और कार्यशैली पर भरोसा करते हैं।
PM Modi ने कहा कि भारत की सामूहिक इच्छाशक्ति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी शक्ति के बल पर देश बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा का फोकस सकारात्मक राजनीति और विकास आधारित एजेंडे पर है।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन
इस राजनीतिक विवाद के बीच कर्नाटक में हाल ही में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। बेंगलुरु स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी ग्रहण की।
शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का स्थान लिया है और उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार अब राज्य में नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन पार्टी की रणनीतिक और संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है, जबकि भाजपा इसे जनता की नाराज़गी का परिणाम बता रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के बदलाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता भाजपा के पुराने राजनीतिक फैसलों का हवाला देकर पलटवार कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है। दोनों दल इसे अपने-अपने राजनीतिक नैरेटिव के अनुसार पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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