Sanjay Raut के तंज पर Eknath Shinde का पलटवार, विकास एजेंडे का किया जिक्र

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। Eknath Shinde ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद Sanjay Raut द्वारा किए गए “चोरी की प्रॉपर्टी” वाले तंज पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का जवाब देना भी अपने स्तर को गिराने जैसा है।
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‘घटिया टिप्पणियों का जवाब देना ठीक नहीं’: Eknath Shinde
बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकनाथ शिंदे ने कहा कि Sanjay Raut की टिप्पणियों का जवाब उनके प्रवक्ता देते हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से ऐसे बयानों का जवाब देना उचित नहीं लगता।
उन्होंने कहा कि वह इस तरह की “घटिया टिप्पणियों” पर प्रतिक्रिया देकर अपने स्तर को नीचे नहीं लाना चाहते।
शिवसेना (UBT) पर साधा निशाना
शिंदे ने अपनी शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के बीच अंतर बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी विकास और आगे बढ़ने की राजनीति करती है, जबकि विपक्ष केवल आरोप और अपमान की भाषा बोलता है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से लगातार उन पर व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं, लेकिन इससे विपक्ष का ही राजनीतिक नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक महाराष्ट्र की जनता विकास के एजेंडे के साथ खड़ी है।
क्या था Sanjay Raut का बयान?
इससे पहले शिवसेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए कहा था कि वह “मुंबई से चोरी का सामान लेकर दिल्ली पहुंचे हैं।”
6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद Uddhav Thackeray का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला
Sanjay Raut ने आरोप लगाया कि शिंदे अपने गुट को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास लेकर गए और मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे “चोरी की गठरी” बताते हुए सवाल उठाया कि अगर कानून का राज है तो ऐसी राजनीति कैसे स्वीकार की जा सकती है।
राउत की यह टिप्पणी हाल ही में शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के संदर्भ में आई थी। इन सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की संख्या घटकर तीन सांसद रह गई है।
अमित शाह से मुलाकात पर दी सफाई
एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि उनके साथ हाल ही में शिवसेना में शामिल हुए छह सांसद भी मौजूद थे।
शिंदे के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव गृह मंत्री के सामने रखे। इनमें कृष्णा-मराठवाड़ा सिंचाई परियोजना, रेलवे, सड़क, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कई विकास परियोजनाएं शामिल थीं।
उन्होंने बताया कि अमित शाह ने संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर इन परियोजनाओं पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का समर्थन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिंदे ने आगामी संवैधानिक संशोधन विधेयकों, विशेष रूप से महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक का भी समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि कई लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 20 से 25 लाख तक पहुंच चुकी है, जिससे जनप्रतिनिधियों के लिए विकास कार्यों का प्रभावी संचालन कठिन हो जाता है। ऐसे में परिसीमन बेहतर प्रशासन और संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक है।
महिला आरक्षण पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों तक इस विषय पर केवल चर्चा होती रही, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का साहस दिखाया। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ‘लाड़की बहिन’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना देश के विकास के लिए जरूरी कदम है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच लगातार बढ़ती राजनीतिक तल्खी आने वाले समय में और तेज हो सकती है। हाल ही में सांसदों के पाला बदलने और नेतृत्व को लेकर जारी विवाद ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
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