Waqf संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक अमानतुल्लाह खान ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह विधेयक न केवल संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि वक्फ संपत्तियों पर समुदाय के ऐतिहासिक अधिकारों को भी कमजोर करता है।
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अमानतुल्लाह खान ने आरोप लगाया कि यह कानून वक्फ संपत्तियों पर सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा देता है और इसके ज़रिए सरकार धार्मिक ट्रस्टों की स्वायत्तता को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया और कहा कि यह विधेयक संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।
AAP नेता Waqf बिल को सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती
AAP नेता ने बताया कि वे Waqf विधेयक की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर वे अन्य विपक्षी दलों और धार्मिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं ताकि एक व्यापक कानूनी और सामाजिक आंदोलन खड़ा किया जा सके।
इस बीच, सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि यह संशोधन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है, लेकिन विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि यह Waqf संस्थाओं की संविधानिक स्वतंत्रता को बाधित करता है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया और इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।
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