Amul milk Price hike: देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच अब दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन यानी GCMMF ने अमूल ब्रांड के तहत बिकने वाले पैकेज्ड दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 14 मई से लागू हो गई हैं, जिसके बाद वडोदरा समेत कई शहरों में लोगों ने चिंता जताई है कि रोजमर्रा का घरेलू बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है।
अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति, अमूल ताज़ा, काउ मिल्क और स्लिम एंड ट्रिम जैसे प्रमुख दूध वेरिएंट्स की कीमतों में यह बदलाव किया गया है। नई कीमतों के अनुसार, अमूल गोल्ड का 500 मिलीलीटर पैक अब 35 रुपये, अमूल शक्ति 32 रुपये और स्लिम एंड ट्रिम 26 रुपये में मिलेगा। कंपनी ने कहा है कि यह बढ़ोतरी उत्पादन और संचालन लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण की गई है।
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वडोदरा में लोगों ने जताई नाराज़गी
दूध की बढ़ी कीमतों को लेकर वडोदरा के लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिली। कई लोगों ने कहा कि दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीज है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ता है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि पहले से ही रसोई गैस, सब्जियों और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अब दूध भी महंगा हो जाने से आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर घर में दूध की जरूरत होती है, इसलिए इसकी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी बड़ा असर डालती है।
गृहिणियों ने भी चिंता जताई कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच घर का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों में कटौती करना अब मजबूरी बनती जा रही है।
GCMMF ने बताई Amul milk Price hike की वजह
GCMMF ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि दूध उत्पादन और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा। फेडरेशन के मुताबिक, पशुओं के चारे, दूध की पैकेजिंग सामग्री और फ्यूल की लागत में पिछले कुछ समय में काफी वृद्धि हुई है।
फेडरेशन ने बताया कि यह बढ़ोतरी लगभग 2.5 से 3.5 प्रतिशत के बीच है और मई 2025 के बाद पहली बार उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों में बदलाव किया गया है। GCMMF का कहना है कि किसानों को बेहतर कीमत देने और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम जरूरी था।
किसानों को भी मिलेगा फायदा
GCMMF ने कहा कि सदस्य यूनियनों ने दूध उत्पादकों को दिए जाने वाले प्रोक्योरमेंट प्राइस में भी बढ़ोतरी की है। मई 2025 की तुलना में किसानों को मिलने वाली कीमत में लगभग 3.7 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
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फेडरेशन का दावा है कि अमूल मॉडल में उपभोक्ताओं द्वारा खर्च किए गए हर एक रुपये में से लगभग 80 पैसे सीधे दूध उत्पादकों तक पहुंचते हैं। संगठन का कहना है कि कीमत बढ़ाने से किसानों की आय स्थिर रखने और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
महंगाई पर फिर शुरू हुई बहस
Amul milk Price hike के बाद एक बार फिर महंगाई को लेकर बहस तेज हो गई है। आम उपभोक्ता जहां इसे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं, वहीं डेयरी सेक्टर से जुड़े लोग इसे उत्पादन लागत और किसानों के हित से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि फिलहाल इतना तय है कि रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल दूध अब आम लोगों की जेब पर थोड़ा और भारी पड़ने वाला है।
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