Operation Sindoor की पहली वर्षगांठ पर देशभर में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को याद किया गया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर भारतीय सेना को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश को अपने जवानों पर गर्व है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय सेना की बहादुरी ने आतंकवादियों को साफ संदेश दे दिया है कि भारत पर हमला करने वालों को कहीं भी छिपने का मौका नहीं मिलेगा।
केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी भी भारतीय सेना की कार्रवाई से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। अपने संदेश के अंत में उन्होंने “जय हिंद, जय भारत” लिखते हुए सैनिकों के साहस को नमन किया।
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PM Modi ने भी सेना के पराक्रम को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी Operation Sindoor की पहली सालगिरह पर भारतीय सेना के साहस और पेशेवर क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए अद्भुत साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि Operation Sindoor आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारतीय सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत को भी दुनिया के सामने रखा।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था Operation Sindoor
Operation Sindoor की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
चार दिन तक चला सैन्य तनाव
भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले और सीमा पर गोलाबारी की गई, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिन तक सैन्य तनाव बना रहा। जवाबी कार्रवाई में भारत ने लाहौर और गुजरांवाला के पास कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।
बाद में पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस द्वारा भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किए जाने के बाद 10 मई 2025 को संघर्ष विराम समझौता लागू हुआ।
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