Delimitation बहस: क्या लोकसभा सीटों का वर्तमान वितरण बना रहना चाहिए?

भारत में परिसीमन (Delimitation) का अर्थ संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमा निर्धारण से है। वर्तमान में, लोकसभा सीटों की संख्या 543 है, जो 1971 की जनगणना के आधार पर तय की गई थी। लेकिन 2026 के बाद परिसीमन संभव है, जिससे दक्षिण और उत्तर भारतीय राज्यों के बीच सीटों के असमान वितरण को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

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Delimitation को स्थगित रखने के पक्ष में तर्क

1️⃣ दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय

2️⃣ राष्ट्रीय एकता पर प्रभाव

3️⃣ संविधान की मूल भावना के खिलाफ

4️⃣ राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक चुनौतियां

Delimitation की आवश्यकता के पक्ष में तर्क

1️⃣ जनसंख्या-आधारित निष्पक्ष प्रतिनिधित्व

2️⃣ संसद का विस्तार आवश्यक

3️⃣ संविधान का पालन

संभावित समाधान

राज्यों को समान रूप से प्रतिनिधित्व देने के लिए “राज्यसभा” की भूमिका को बढ़ाया जाए।
लोकसभा में सीटें बढ़ाई जाएं लेकिन दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
एक निष्पक्ष “Delimitation Commission” का गठन हो, जो जनसंख्या के साथ-साथ विकास और ऐतिहासिक योगदान को ध्यान में रखे।

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