NEET-UG विवाद पर Arvind Kejriwal का बड़ा हमला, Gen-Z से सड़कों पर उतरने की अपील

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद केजरीवाल ने देश के युवाओं, खासकर Gen-Z से विरोध प्रदर्शन करने और दोषियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे देशों में युवा सरकारों को जवाबदेह बना सकते हैं, तो भारत के युवा भी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
विषय सूची
“2014 के बाद से देशभर में पेपर लीक के 93 से अधिक मामले: Arvind Kejriwal
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Arvind Kejriwal ने दावा किया कि 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद से देशभर में परीक्षा पेपर लीक के 93 से अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से छह करोड़ से ज्यादा युवा प्रभावित हुए हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ज्यादातर पेपर लीक की घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में हुई हैं।
उन्होंने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों में लगातार पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। AAP प्रमुख ने कहा कि हालिया NEET पेपर लीक मामले का “केंद्र” राजस्थान बताया जा रहा है, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
CBI जांच पर उठाए सवाल
Arvind Kejriwal ने मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक के बाद जांच एजेंसी को मामला सौंप दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं रुक नहीं रही हैं। उन्होंने पूछा कि अगर सिस्टम के भीतर बड़े स्तर पर गड़बड़ी है, तो केवल जांच से समस्या कैसे खत्म होगी।
Arvind Kejriwal ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में “माफिया नेटवर्क” सक्रिय है और छात्रों के भविष्य के साथ खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को हर बार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव झेलना पड़ता है।
Gen-Z से विरोध की अपील
AAP प्रमुख ने युवाओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि अब चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के युवाओं ने सड़कों पर उतरकर अपनी सरकारों को चुनौती दी थी।
Arvind Kejriwal ने कहा, “अगर नेपाल और बांग्लादेश के Gen-Z अपनी सरकारें बदल सकते हैं, तो क्या भारत के Gen-Z उन लोगों को जेल नहीं भेज सकते जो पेपर लीक में शामिल हैं?” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे दोषियों के खिलाफ आवाज उठाएं, विरोध करें और शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को सिर्फ सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।
NEET-UG 2026 परीक्षा क्यों हुई रद्द?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया था। सरकार ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईमानदारी को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। इसके बाद मामले को विस्तृत जांच के लिए CBI को सौंप दिया गया।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने भी बयान जारी कर कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी और पहले से जमा किया गया डेटा व परीक्षा केंद्र की जानकारी वैध रहेगी। इसके लिए कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें











