Ashwin Amavasya 2022: अनुष्ठान और महत्व

Ashwin Amavasya/अश्विन अमावस्या आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आती है। जो अमावस्या के पंद्रहवें दिन तक रहता है। भाद्रपद के दौरान इस अमावस्या को अश्विन अमावस्या या महालय अमावस्या कहा जाता है जो दुर्गा पूजा के उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है।

इसे सर्व पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस अमावस्या का बहुत महत्व है क्योंकि इस दिन पितृ संस्कार और अनुष्ठान करने से पूर्वजों को शांति और मुक्ति प्राप्त होती है। दूसरे शब्दों में, इस दिन श्राद्ध पक्ष समाप्त होता है और सभी पूर्वज अपने पुत्रों, पौत्रों और परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देकर पितृ लोक में लौट आते हैं। इस शुभ दिन पर ब्राह्मणों को दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

Ashwin Amavasya मुहूर्त

नई दिल्ली, भारत के लिए
अमावस्या तिथि 25 सितंबर, 2022 को 03:14:41 से शुरू होती है और
अमावस्या तिथि 26 सितंबर, 2022 को 03:26:20 पर समाप्त होती है

Ashwin Amavasya के अनुष्ठान

सूर्य देव को अर्घ्य दें और पितरों को अर्पण करें।

Ashwin Amavasya का महत्व

इस दिन पितृ संस्कार और अनुष्ठान करने से पूर्वजों को शांति और मुक्ति प्राप्त होती है।

पैतृक शांति के लिए अश्विन अमावस्या का बहुत महत्व है और इसलिए, इसे सर्व पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है। श्राद्ध कर्म के साथ-साथ तांत्रिक की दृष्टि से भी इस अमावस्या का विशेष महत्व है। अश्विन अमावस्या के अगले दिन से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाती है। मां दुर्गा और उनके नौ रूपों के उपासक और तंत्र साधना करने वाले व्यक्ति इस अमावस्या की रात को विभिन्न तांत्रिक अनुष्ठान करते हैं।

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Ashwin Amavasya के लाभ

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