लखनऊ में Atal Bihari Vajpayee की 101वीं जयंती: योगी सरकार ने दी श्रद्धांजलि

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, महान राजनेता और ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय Atal Bihari Vajpayee जी की 101वीं जयंती के अवसर पर आज राजधानी लखनऊ में एक भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Atal Bihari Vajpayee जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को नमन किया। समारोह में मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि Atal Bihari Vajpayee भारत की राजनीति में सादगी, आदर्श और राष्ट्र समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने न केवल भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी, बल्कि भाषण, काव्य और संवेदनशीलता के माध्यम से राजनीति को मानवीय रूप भी प्रदान किया।

‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ बना राष्ट्र समर्पण की प्रतीक भूमि

सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने Atal Bihari Vajpayee जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने और उनके विचार प्रवाह को निरंतरता देने के उद्देश्य से लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का निर्माण कराया है। यह स्थल अब उन सभी देशभक्तों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है जो राष्ट्रहित में सेवा और समर्पण का मार्ग चुनना चाहते हैं।

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उन्होंने कहा कि Atal Bihari Vajpayee जी अपने राजनीतिक जीवन में लखनऊ को सदैव एक विशेष स्थान देते थे। वे केवल एक जननायक नहीं बल्कि एक भावनात्मक नेता थे, जिनकी भाषा में दृढ़ता के साथ ममत्व झलकता था। ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ इसी भावना का सजीव प्रतीक है।

भारतीय संस्कृति के अन्य महान व्यक्तित्वों को भी दी श्रद्धांजलि

पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत रत्न’ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय एवं महान योद्धा महाराजा बिजली पासी की जयंती पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सीएम योगी ने कहा कि महामना मालवीय जी ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया और सामाजिक एकता को सशक्त किया। वहीं, महाराजा बिजली पासी ने पराक्रम और अस्मिता की जिस लौ को जलाया, वह आज भी समाज को प्रेरित करती है।

योगी ने कहा कि यह संयोग ही है कि इन तीनों महापुरुषों — अटल जी, मालवीय जी और महाराजा बिजली पासी — की जयंती एक ही दिन पड़ने से आज का दिन और भी ऐतिहासिक बन जाता है। तीनों ही विभूतियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में रहते हुए भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और स्वाभिमान को ऊँचाई दी।

Atal Bihari Vajpayee जी के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना और राजनीति में नैतिकता की मिसाल कायम की।
योगी ने कहा, “अटल जी ने दिखाया कि विरोधियों के प्रति आदर और मतभेदों के बावजूद संवाद भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी संपत्ति है। जहाँ अटल जी खड़े होते थे, वहाँ देश का स्वाभिमान झलकता था।”

उन्होंने आगे कहा कि अटल जी का जीवन हर उस भारतीय के लिए मार्गदर्शक है जो अपने कर्तव्यों को राष्ट्रसेवा के रूप में देखता है। उनकी काव्यात्मक अभिव्यक्ति ने जनमानस को जोड़ने का कार्य किया, वहीं उनके नेतृत्व ने भारत को 21वीं सदी के आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित किया।

लखनऊ बना राष्ट्रीय भावना का केंद्र

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूलों और कॉलेजों के छात्र भी शामिल हुए, जिन्होंने अटल जी के विचारों पर आधारित कवि सम्मेलन और कविताएँ प्रस्तुत कीं। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सेवा शिविर, रक्तदान कार्यक्रम और सफाई अभियान आयोजित कर उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर कहा कि अटल जी के ‘सुशासन’, ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘अखंड भारत’ के विचार आज उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों में भी प्रतिबिंबित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ संवेदनशील शासन पर बल दे रही है, जो अटल जी की सोच का ही विस्तार है।

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