Delhi विरोध प्रदर्शन पर CM Yogi का Congress पर सियासी हमला

उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता केवल जनता के जनादेश से तय होता है, न कि सड़कों पर होने वाले हंगामे से।

साथ ही, उन्होंने भारत में “बांग्लादेश जैसी” राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की कोशिशों के प्रति आगाह किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में CM Yogi ने कहा, “लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनता के जनादेश से निकलता है, न कि अराजकता से।

जो ताकतें बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही हैं, वे युवाओं के हाथों में राष्ट्र-निर्माण की मशाल के बजाय अराजकता के हथियार थमाना चाहती हैं।”

चुनाव आयोग विरोध पर CM Yogi का बयान

चुनाव आयोग और मतदाता सूची में सुधार को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, CM Yogi ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे की मजबूती का बचाव करते हुए भारतीय लोकतंत्र को एक अडिग व्यवस्था बताया।

उन्होंने कहा, “जो लोग चुनावी सुधार, न्याय के नारे और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बो रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र जन-विश्वास की जड़ों पर टिका एक विशाल वटवृक्ष है, जिसे साजिशों के तूफान भी हिला नहीं सकते।”

आंदोलनों का नेतृत्व करने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को संकीर्ण राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का मोहरा नहीं बनने दिया जाएगा। CM Yogi ने जोर देकर कहा, “हमारी युवा शक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, न कि किसी की सत्ता की प्यास बुझाने के लिए।

जनता ने राजनीति में मौजूद इन छलावे रचने वालों और खलनायकों को पहचान लिया है और उन्हें सत्ता से दूर रखा है। अब वे देश को अराजकता की आग में झोंककर सत्ता हथियाना चाहते हैं। देश उनकी इस राजनीतिक साजिश को कभी सफल नहीं होने देगा।”

उत्तर प्रदेश के CM Yogi की यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं – जिनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं – की तीखी आलोचनाओं के बाद आई है।

इन नेताओं ने विपक्ष पर राष्ट्रीय राजधानी में एक सुनियोजित ‘विघटनकारी राजनीति’ (politics of disruption) चलाने का आरोप लगाया है।
इससे पहले आज लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में जो कुछ हुआ है, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

Rajnath Singh ने Congress पर लगाया अराजकता से सत्ता हथियाने का आरोप

Congress पर अराजकता फैलाने का आरोप

ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी – प्रत्यक्ष रूप से और अपने संबद्ध संगठनों के माध्यम से – युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं।”

देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशें हो रही हैं। कुछ लोग—बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर—सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और खुले तौर पर स्वीकार करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा मिली है; वहीं कुछ अन्य लोग बेशर्मी से सरकार को गिराने की मांग कर रहे हैं।

इससे साफ है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना और देश में आग लगाना है… उनकी लड़ाई चुनावी सुधारों के लिए नहीं है, न ही यह SIR या ज्ञानेश कुमार के बारे में है; यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी नहीं है—बल्कि, यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है,” उन्होंने कहा।

ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब विपक्षी नेताओं, INDIA गठबंधन की पार्टियों और छात्र संगठनों द्वारा चुनाव आयोग के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ (SIR) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

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