सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
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Congress का PM Modi पर निशाना: अन्नदाता लड़ रहे हक की लड़ाई, आप खड़ा कर रहे अपने लिए महल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नए संसद भवन की नींव रखने पर कांग्रेस (Congress) ने गुरुवार को कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता, सनक पूरी करने का नहीं, जनसेवा और लोक कल्याण का माध्यम होती है. 

New Delhi: देशभर में कई जगहों पर किसानों के विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला रखी. इस बीच, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली और उसके आसपास हो रही किसान आंदोलन की याद दिलाई. कांग्रेस (Congress) ने कहा कि इतिहास में यह भी दर्ज होगा कि जब अन्नदाता सड़कों पर 16 दिन से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे तब आप सेंट्रल विस्टा (Central Vista) के नाम पर अपने लिए महल खड़ा कर रहे थे! 

कांग्रेस (Congress) प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने निशाना साधते हुए कहा, “मा. मोदी जी, संसद पत्थर से बनी इमारत नहीं… संसद प्रजातंत्र है, संसद संविधान की मर्यादाओं को मानना है, संसद आर्थिक और सामाजिक समानता है, संसद देश का भाईचारा और सद्भाव है, संसद 130 करोड़ भारतीयों की आशा है. ज़रूर सोचिए, इन सब को रौंद कर बनाई गई नई संसद की इमारत कैसी होगी?

Congress targets PM Modi Annadata is fighting for the right you are standing Mahal for yourself
Congress का PM Modi पर निशाना: अन्नदाता लड़ रहे हक की लड़ाई, आप खड़ा कर रहे अपने लिए महल 3

सुरजेवाला ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “मोदी जी, इतिहास में यह भी दर्ज होगा कि जब अन्नदाता सड़कों पर 16 दिन से हक़ों की लड़ाई लड़ रहे थे तब आप सेंट्रल विस्टा के नाम पर अपने लिए महल खड़ा कर रहे थे! लोकतंत्र में सत्ता, सनक पूरी करने का नहीं, जनसेवा और लोक कल्याण का माध्यम होती है.” 

Congress targets PM Modi Annadata is fighting for the right you are standing Mahal for yourself
Congress का PM Modi पर निशाना: अन्नदाता लड़ रहे हक की लड़ाई, आप खड़ा कर रहे अपने लिए महल 4

कड़ाके की ठंक में डटे किसानों ने कहा कि वे अपने प्रदर्शन को और तेज करेंगे. किसान आंदोलन शुरू होने से अब तक पांच किसानों की मौत हो चुकी है. किसानों ने केंद्र की ओर से दिए गए कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसे मानने से इनकार कर दिया और कहा कि वो अपना प्रदर्शन और तेज करेंगे. उनकी मांग है कि सरकार इन कानूनों को ही वापस ले. किसानों ने 14 तारीख को पूरे देश में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है.