PM Modi ने मंगलवार को कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल सबाह से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच वेस्ट एशिया में बदलते सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
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PM Modi और Emir ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई
फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए। PM Modi ने इस दौरान बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
PM Modi ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर किसी भी तरह के हमले की भारत की ओर से कड़ी निंदा दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सम्मान का पक्षधर रहा है और किसी भी प्रकार की अस्थिरता का विरोध करता है।
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डी-एस्केलेशन और कूटनीति पर जोर
PM Modi ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए बातचीत, कूटनीति और तनाव कम करने (de-escalation) के प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट का समाधान केवल संवाद के माध्यम से ही संभव है।
दोनों नेताओं के बीच यह सहमति बनी कि मौजूदा हालात में संयम और कूटनीतिक प्रयास ही सबसे प्रभावी रास्ता हैं। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों की स्थिरता पर भी चर्चा होने की बात सामने आई।
कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा
PM Modi ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को लेकर अमीर का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक हैं।
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मोदी ने अमीर से आग्रह किया कि वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण पर लगातार ध्यान दिया जाए। कुवैत के अमीर ने भी आश्वासन दिया कि भारतीय समुदाय की भलाई को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके हितों की रक्षा की जाएगी।
वेस्ट एशिया में तनाव और वैश्विक चिंताएं
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में विभिन्न देशों के बीच सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। ऊर्जा आपूर्ति मार्गों और समुद्री व्यापार के प्रमुख रास्तों की सुरक्षा भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।
इसी बीच, वैश्विक स्तर पर अन्य घटनाक्रमों के कारण स्थिति और जटिल होती दिखाई दे रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहा है।
अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर सख्त बयान
इसी दौरान, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत जारी है और यह जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकती है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होता, तब तक रणनीतिक दबाव बनाए रखा जाएगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही और संकेत दिया कि समझौते के बाद समुद्री मार्गों को फिर से सामान्य किया जा सकता है।
संभावित डिप्लोमैटिक प्रगति की उम्मीद
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि बैकचैनल बातचीत के माध्यम से कुछ दिनों में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रगति संभव है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने और एक स्थायी समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
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