Durga Visarjan 2025: प्रमुख शहरों में देवी विसर्जन का शुभ मुहूर्त

दुर्गा विसर्जन माँ दुर्गा के अपने निवास स्थान पर लौटने का प्रतीक है और भक्तों को यह याद दिलाता है कि भौतिक मूर्ति के चले जाने पर भी देवी की ऊर्जा घर और हृदय में बनी रहती है।

दुर्गा पूजा और नवरात्रि का अंतिम अनुष्ठान, Durga Visarjan, देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन का प्रतीक है, जो उनके कैलाश पर्वत पर लौटने का प्रतीक है। यह भक्ति, भावना और विदाई का क्षण है, जिसे पूरे भारत में भव्यता के साथ मनाया जाता है।

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2025 में, दुर्गा विसर्जन गुरुवार, 2 अक्टूबर (विजयादशमी) को होगा। पूजा शुभ मुहूर्त के दौरान की जानी चाहिए, जो शहर के अनुसार थोड़ा भिन्न होता है। यहाँ 2025 में शहरवार दुर्गा विसर्जन के समय की पूरी जानकारी दी गई है।

Durga Visarjan 2025 पूजा मुहूर्त

  • दिनांक: 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार
  • विसर्जन मुहूर्त: प्रातः 05:28 – प्रातः 07:51 (कोलकाता संदर्भ)
  • दशमी तिथि: प्रारंभ 07:01 अपराह्न, 1 अक्टूबर → समाप्त 07:10 अपराह्न, 2 अक्टूबर
  • श्रवण नक्षत्र: प्रारंभ 09:13 पूर्वाह्न, 2 अक्टूबर → समाप्त 09:34 पूर्वाह्न, 3 अक्टूबर

Durga Visarjan 2025 शहर-वार समय

Durga Visarjan 2025: Auspicious time for Goddess immersion in major cities

2025 में, दुर्गा विसर्जन गुरुवार, 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। शहर के अनुसार विसर्जन मुहूर्त थोड़ा भिन्न हो सकता है:

  • कोलकाता: सुबह 5:28 – सुबह 7:51 (अवधि 2 घंटे 23 मिनट)
  • मुंबई: सुबह 6:29 – सुबह 8:53 (अवधि 2 घंटे 24 मिनट)
  • नई दिल्ली: सुबह 6:15 – सुबह 8:37 (अवधि 2 घंटे 22 मिनट)
  • नोएडा: सुबह 6:14 – सुबह 8:36 (अवधि 2 घंटे 22 मिनट)
  • पटना: सुबह 5:42 – सुबह 8:05 (अवधि 2 घंटे 23 मिनट)
  • अगरतला: सुबह 5:17 – सुबह 7:40 (अवधि 2 घंटे 23 मिनट)
  • गुवाहाटी: सुबह 5:16 – सुबह 7:38 (अवधि 2 घंटे 22 मिनट)

ये हैं शुभ विसर्जन मुहूर्त प्रमुख भारतीय शहरों के लिए मुहूर्त विंडो। भक्तों को अधिकतम आध्यात्मिक लाभ के लिए इन समयों के दौरान विसर्जन अनुष्ठान करने की सलाह दी जाती है।

Durga Visarjan की रस्में

  • कलश विसर्जन: नवरात्रि के दौरान स्थापित पवित्र कलश को प्रार्थना के साथ विसर्जित किया जाता है।
  • दुर्गा आरती और स्तुति: विसर्जन से पहले भक्त मंत्रों का पाठ करते हैं।
  • जुलूस: मूर्तियों को संगीत और नृत्य के साथ नदियों या समुद्र में ले जाया जाता है।
  • नवरात्रि पारणा: कई भक्त विसर्जन के बाद अपने नवरात्रि व्रत का समापन करते हैं।

आध्यात्मिक महत्व

Durga Visarjan 2025: Auspicious time for Goddess immersion in major cities

दुर्गा विसर्जन माँ दुर्गा के अपने निवास स्थान पर लौटने का प्रतीक है और भक्तों को यह याद दिलाता है कि भौतिक मूर्ति के चले जाने पर भी देवी की ऊर्जा घर और हृदय में बनी रहती है। यह नवीनीकरण, विनम्रता और सृजन व विलय के चक्र का प्रतिनिधित्व करता है।

Durga Visarjan 2025, 2 अक्टूबर को पूरे भारत में शुभ शहर-वार मुहूर्त समय के साथ मनाया जाएगा। चाहे आप कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, पटना या गुवाहाटी में हों, सही मुहूर्त के दौरान विसर्जन करने से आशीर्वाद, समृद्धि और दिव्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

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