BJP मुख्यालय में Gaurav Bhatia का प्रेस वार, 1984 दंगों और भोपाल त्रासदी पर Congress से जवाब मांगा

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार “पीढ़ियों से कॉम्प्रोमाइज की राजनीति” करता आया है और आज वे तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रख रहे हैं।

भाटिया ने 1984 के सिख दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस नेताओं पर सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था, “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है।” भाटिया ने कहा कि इस बयान को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है और यह देश के इतिहास का एक दुखद अध्याय है।

Gaurav Bhatia ने भोपाल गैस त्रासदी का जिक्र किया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाटिया ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक बताया। उनके अनुसार, इस त्रासदी में हजारों लोगों की जान गई और कई लोग आज भी उसके प्रभाव से जूझ रहे हैं।

AI Summit विवाद और चाचा Nehru पर Sambit Patra का हमला

भाटिया ने कहा कि उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधान सचिव पी.सी. अलेक्जेंडर के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन सीईओ वॉरेन एंडरसन को देश छोड़ने की अनुमति दी गई, तो इसके पीछे राजनीतिक स्तर पर निर्णय लिए गए थे।

Gaurav Bhatia ने की जवाबदेही की मांग

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को इन ऐतिहासिक घटनाओं पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और देश के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, खासकर जब बात देश की सुरक्षा और नागरिकों के जीवन से जुड़ी हो।

भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने कई बार राष्ट्रहित से ऊपर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को तथ्यों के आधार पर सामने ला रही है, ताकि जनता सच्चाई को समझ सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में भाटिया ने कहा कि देश की राजनीति में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए और इतिहास के कठिन सवालों से बचा नहीं जा सकता।

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