GST Reforms 2025: शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है? जानिए सबकुछ
ये सुधार छात्रों को भी राहत देते हैं, क्योंकि अभ्यास पुस्तिकाएँ, पेंसिल, रबड़, क्रेयॉन और शार्पनर जैसी आवश्यक अध्ययन सामग्री पर अब 0% GST लगेगा।

GST Reforms 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाना और व्यापारियों व छोटे उद्यमों के लिए व्यापार में आसानी सुनिश्चित करना है।
शिक्षा पर GST सुधारों का असर
दिवाली से पहले घोषित ये बहुप्रतीक्षित सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने परिवारों पर कर का बोझ कम करने के उपायों का आश्वासन दिया था।

ये सुधार छात्रों को भी राहत देते हैं, क्योंकि अभ्यास पुस्तिकाएँ, पेंसिल, रबड़, क्रेयॉन और शार्पनर जैसी आवश्यक अध्ययन सामग्री पर अब 0% GST लगेगा। इसके अतिरिक्त, ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूल कार्टन और ट्रे जैसी वस्तुओं को 12% के स्लैब से हटाकर 5% कर दिया गया है। इस कटौती से शिक्षण संबंधी आवश्यक वस्तुओं के अधिक किफायती होने, परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होने और शिक्षा तक पहुँच में सुधार होने की उम्मीद है।
अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में, प्रधानमंत्री ने कहा था, “सरकार अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लाएगी, जिससे आम आदमी पर कर का बोझ कम होगा। यह आपके लिए दिवाली का तोहफा होगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन सुधारों से मध्यम वर्ग, युवाओं, किसानों, एमएसएमई और महिलाओं को लाभ होगा और साथ ही दीर्घकालिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार है, जिसने कई केंद्रीय और राज्य करों को एक ही ढाँचे में समाहित कर दिया है। पिछले आठ वर्षों में, इसे युक्तिसंगत और डिजिटल रूप से एकीकृत किया गया है और यह अप्रत्यक्ष कराधान की रीढ़ बन गया है।

नए GST ढाँचे में करों की दो दरें होंगी, 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत, और कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), स्वास्थ्य सेवा, श्रम-प्रधान उद्योगों और घरेलू उद्योगों पर दरों में व्यापक कटौती की जाएगी। संशोधित दरें 22 सितंबर से लागू होंगी, सिवाय सिगरेट, तंबाकू और बीड़ी जैसी हानिकारक वस्तुओं के, जिन पर बकाया मुआवज़ा चुकाए जाने तक मौजूदा उपकर व्यवस्था लागू रहेगी।
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