Ayodhya में ऐतिहासिक ध्वजारोहण: PM Modi ने राम मंदिर शिखर पर फहराया केसरिया ध्वज

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल विकास के नए आयाम छू रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से जुड़ते हुए एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

Ayodhya में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पवित्र श्री राम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज के ध्वजारोहण के लिए पहुँचे। इस अवसर पर पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा का विशेष माहौल रहा। इसी बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस क्षण को “वर्षों के संघर्ष का अंत” बताते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण दिन कहा।

यह भी पढ़ें: Ayodhya Dhwajarohan: UP CM, PM Modi के स्वागत के लिए साकेत डिग्री कॉलेज हेलिपैड के लिए रवाना

Historic flag hoisting ceremony in Ayodhya - Piyush Goyal

पीयूष गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या में वर्षों से चले आ रहे संघर्ष पर अंतिम मुहर लगाने पहुंचे हैं। यह हर भारतीय के लिए गर्व और आनंद का दिन है। राम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज का फहराया जाना हमारे सांस्कृतिक गौरव, आस्था और लंबे इंतज़ार की पूर्णता का प्रतीक है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह क्षण करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं से सीधा जुड़ा है। सदियों बाद, अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण पूर्ण होने की खुशी हर भारतीय के मन में उमंग भर रही है। केसरिया ध्वज का आरोहण, मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्र की सनातन सांस्कृतिक परंपरा का सशक्त प्रतीक है।

Ayodhya आज श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक भव्यता से सराबोर दिखाई दी।

Historic flag hoisting ceremony in Ayodhya - Piyush Goyal

Ayodhya आज श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक भव्यता से सराबोर दिखाई दी। पूरे शहर में दीपों की रोशनी, शंखनाद, मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के नारों ने माहौल को पवित्र बना दिया। मंदिर परिसर के आसपास भारी संख्या में भक्तों की उपस्थिति इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को और बढ़ा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल विकास के नए आयाम छू रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से जुड़ते हुए एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

अयोध्या में ध्वजारोहण के साथ, राम मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की औपचारिक पूर्णता का यह दिन आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास में अंकित हो गया है। देश भर में इस क्षण को उत्सव, भक्ति और गौरव के साथ मनाया जा रहा है।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

आगे पढ़ें

संबंधित आलेख

Back to top button