8 जून को होने वाली INDIA ब्लॉक की अहम बैठक से पहले विपक्षी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने शनिवार को दावा किया कि तमाम मतभेदों और कुछ दलों की अनुपस्थिति के बावजूद गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और साझा राजनीतिक उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में कुल 23 राजनीतिक पार्टियां शामिल होंगी, जो राष्ट्रीय राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जाएगी।
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केंद्र सरकार की नीतियों पर विपक्ष का हमला
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि जो पार्टियां बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं, उन्होंने भी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है, विपक्षी नेताओं को जांच एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है, महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता प्रभावित हो रही है और निवेश का माहौल भी कमजोर हुआ है। उनके अनुसार, INDIA गठबंधन का उद्देश्य इन नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना है।
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DMK के फैसले से INDIA गठबंधन में असंतोष
गठबंधन के भीतर सबसे बड़ी चर्चा का विषय द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का बैठक से दूरी बनाने का निर्णय है। DMK, जो INDIA ब्लॉक का एक महत्वपूर्ण घटक है, ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु में कांग्रेस के कुछ राजनीतिक फैसलों, खासकर तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को लेकर अपनाए गए रुख से विश्वास में कमी आई है। इसी कारण पार्टी ने बैठक में शामिल न होने का फैसला लिया है।
DMK ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि वह देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्षी गठबंधन का समर्थन करती रहेगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बैठक में भाग लेना उचित नहीं समझती।
कांग्रेस और DMK रिश्तों पर बढ़ता तनाव
कांग्रेस और DMK ने हाल के चुनावों में साथ मिलकर INDIA गठबंधन किया था, जिसमें कांग्रेस को पांच सीटों पर सफलता मिली थी। लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। DMK का यह कदम विपक्षी गठबंधन के भीतर समन्वय और भरोसे को लेकर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष भाजपा के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है।
Mamata Banerjee की भागीदारी से उम्मीदें
Mamata Banerjee के बैठक में शामिल होने की संभावना ने गठबंधन को कुछ राहत दी है। वह दिल्ली पहुंच चुकी हैं और उनके साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं। TMC का रुख इस बैठक में विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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हालांकि पश्चिम बंगाल में पार्टी को आंतरिक असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें नेतृत्व स्तर पर हाल ही में किए गए बदलाव भी शामिल हैं। इसके बावजूद TMC बैठक में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दे रही है।
CPI(M) और कांग्रेस के बीच वैचारिक मतभेद
इसी बीच वाम दल CPI(M) ने भी कांग्रेस के खिलाफ अपनी असहमति दर्ज कराई है। पार्टी के महासचिव M. A. Baby ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर केरल में चुनावी प्रचार के दौरान लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई है। CPI(M) का कहना है कि कांग्रेस नेताओं ने यह प्रचार किया कि CPI(M) और BJP के बीच समझौता है, जिससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हुआ।
हालांकि मतभेदों के बावजूद CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास के बैठक में शामिल होने की संभावना है, जो यह संकेत देता है कि संवाद का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
विपक्षी एकता की परीक्षा में INDIA ब्लॉक
कुल मिलाकर INDIA ब्लॉक की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी एकता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक ओर कांग्रेस इसे मजबूत और एकजुट गठबंधन बता रही है, वहीं दूसरी ओर DMK और CPI(M) जैसे सहयोगी दलों के साथ मतभेद इसकी चुनौतियों को उजागर कर रहे हैं।
फिर भी 23 दलों की संभावित भागीदारी और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी इस बैठक को महत्वपूर्ण बनाती है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या INDIA ब्लॉक अपनी अंदरूनी असहमतियों को दूर कर एक साझा राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ पाएगा या नहीं।
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