ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट सबसे भारी उपग्रह लेकर उड़ा

एलवीएम3 एक तीन-चरणीय प्रक्षेपण यान है जिसमें दो ठोस मोटर स्ट्रैप-ऑन (एस200), एक द्रव प्रणोदक कोर चरण (एल110), और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (सी25) है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को अपने सबसे भारी संचार उपग्रह, सीएमएस-03 का प्रक्षेपण किया, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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ISRO का बाहुबली रॉकेट बना हीरो — सबसे भारी उपग्रह के साथ सफल उड़ान

सीएमएस-03 भारतीय धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में प्रक्षेपित किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इस उपग्रह को इसरो के शक्तिशाली एलवीएम3-एम5 रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया, जिसे इसकी भारी भारोत्तोलन क्षमता के लिए ‘बाहुबली’ के नाम से जाना जाता है।

एलवीएम3 एक तीन-चरणीय प्रक्षेपण यान है जिसमें दो ठोस मोटर स्ट्रैप-ऑन (एस200), एक द्रव प्रणोदक कोर चरण (एल110), और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (सी25) है। यह रॉकेट इसरो को 4,000 किलोग्राम तक के वजन वाले संचार उपग्रहों को जीटीओ में प्रक्षेपित करने में सक्षम बनाता है, जिससे उन्नत उपग्रह संचार और अंतरिक्ष संचालन के लिए भारत की क्षमता में वृद्धि होती है।

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