Ram Mandir दान विवाद पर Jairam Ramesh ने PM Modi से पूछे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला जारी रखते हुए और राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद पर जवाब मांगते हुए, कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने रविवार को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित उत्तर प्रदेश दौरे का जिक्र किया।

उन्होंने अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए मिले सार्वजनिक चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय हेराफेरी पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

‘X’ (ट्विटर) पर “चंदा चोरी, आस्था से धोखा” शीर्षक से किए गए एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा, “ईश्वर के लिए दिए गए धन की चोरी, यानी देवताओं को चढ़ाए गए चंदे और भेंट की चोरी, एक बहुत बड़ा पाप माना जाता है।”

चंदा विवाद पर Congress के आरोप

कांग्रेस सांसद की यह टिप्पणी उन कई पोस्टों का हिस्सा है, जिनमें उन्होंने चंदे से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को दबाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने मंदिर ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए, जो भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़े हुए हैं। “अयोध्या के श्री राम मंदिर में अब BJP-RSS से जुड़े लोगों द्वारा एक बहुत बड़ा पाप किए जाने का मामला सामने आया है, लेकिन इस पूरे मामले को दबाने और मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।

सवाल यह है कि BJP, विश्व हिंदू परिषद और RSS से जुड़े जिन लोगों को प्रधानमंत्री मोदी ने खुद बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के ट्रस्टी के रूप में चुना था—अब जब यह साबित हो चुका है कि यह घोर पाप, जिसने देश भर के करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है, उन्हीं की देखरेख में हुआ है—तो प्रधानमंत्री, जो राम मंदिर का श्रेय लेने में हमेशा सबसे आगे रहते हैं, अब चुप क्यों हैं और इन बड़े पापियों को बचाने की शर्मनाक कोशिश क्यों कर रहे हैं?” रमेश ने कहा।

Jairam Ramesh ने अयोध्या में मिले चंदे और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2021 में ‘निधि समर्पण अभियान’ और कॉर्पस दान के जरिए 3,264 करोड़ रुपये जमा हुए थे।

उन्होंने लिखा, “RSS और ट्रस्ट के अनुसार, ‘निधि समर्पण अभियान’ (2021) में निधि समर्पण और कॉर्पस दान को मिलाकर कुल 3,264 करोड़ रुपये जमा हुए थे। 2024 के 9 महीनों में 13.55 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। वहीं, 2025 में महाकुंभ के दौरान लगभग 10 करोड़ और श्रद्धालु अयोध्या आए।”

उन्होंने आगे सवाल उठाया कि 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच, जब लगभग 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, तब चढ़ावे के रूप में केवल 82.78 करोड़ रुपये जमा होने की बात कही गई है—इसे उन्होंने “डकैती” करार दिया।

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चढ़ावे की रकम पर उठे सवाल

उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में, यह बताया गया है कि 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच 16 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, फिर भी कुल चढ़ावा केवल ₹82.78 करोड़ (प्रति व्यक्ति औसतन ₹5) बताया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए, यह बहुत ही संदिग्ध लगता है।” Jairam Ramesh ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, “मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी माना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि ‘डकैती’ है।”

उन्होंने चार सवालों के जवाब मांगे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा है कि पूरे देश से कुल कितना चंदा इकट्ठा हुआ है और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कथित तौर पर चोरी की रकम को केवल ₹80 लाख तक ही सीमित क्यों रखा है।

पूरे देश में, कितने करोड़ लोगों ने कितने हजार करोड़ रुपये का दान दिया? दान पेटियों (हुंडी/काउंटरों) में कुल कितना चढ़ावा जमा हुआ? दान और चढ़ावे की यह चोरी कितने हजार करोड़ रुपये की है, और सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय चुप क्यों बैठी है?

लगभग तीस करोड़ भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे का हिसाब-किताब कहाँ है? SIT ने केवल 80 लाख रुपये की चोरी की रिपोर्ट देकर इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश क्यों की?” रमेश ने सवाल किया।

Jairam Ramesh ने मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे ‘पापियों’ को बचा रहे हैं और मामले की कोई ठोस जांच नहीं करवा रहे हैं।

नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ, गहन जांच का आदेश देने के बजाय, इन पापियों के कुकर्मों पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? कहा जाता है कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।

लेकिन इस पूरे मामले में, न तो न्याय हुआ है और न ही न्याय दिलाने की कोई कोशिश होती दिख रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे उत्तर प्रदेश के अपने दौरे के दौरान इस मुद्दे पर बात करें।

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Jairam Ramesh का PM Modi से सवाल

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं, इसलिए हमें उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान वे इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और देशवासियों के सवालों का जवाब देंगे।”

Jairam Ramesh ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को उठाती रहेगी और कहा कि कथित हेराफेरी के लिए जिम्मेदार लोगों को संविधान के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।

Jairam Ramesh ने कहा, “अगर वे इस महत्वपूर्ण मामले पर फिर से चुप रहते हैं और किसी दूसरे मुद्दे की आड़ लेकर देश का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि कांग्रेस हर हाल में इस पूरे मामले का सच सामने लाएगी।

जिन बड़े पापियों ने दान और चढ़ावे की चोरी की है, उन्हें संविधान के अनुसार निश्चित रूप से सजा दिलाई जाएगी।” श्री राम जन्मभूमि दान चोरी मामले में CCTV फुटेज एक अहम सबूत के तौर पर सामने आई है।

स्थानीय अदालत में दाखिल की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी अविनाश शुक्ला ने दान की गिनती के दौरान 85 बार पैसे निकाले थे। SIT ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) शामिल हैं।

SIT की चार्जशीट के मुताबिक, करुणेश पांडे दो बार दान की रकम निकालते हुए और 68 बार चोरी में मदद करते हुए देखे गए। वहीं, मनीष कुमार यादव 16 बार खुद इसमें शामिल रहे और 19 बार उन्होंने पैसे निकालने में मदद की।

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