India-Finland साझेदारी को नई दिशा, PM Modi और राष्ट्रपति Alexander Stubb की संयुक्त प्रेस वार्ता

PM Modi ने नई दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस मीट को संबोधित किया। भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति स्टब का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में उनकी यह पहली भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्टब एक प्रतिष्ठित वैश्विक नेता होने के साथ-साथ एक सम्मानित विचारक और लेखक भी हैं।
PM Modi ने कहा कि इस वर्ष के रायसीना डायलॉग में राष्ट्रपति स्टब का मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना भारत के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में भारत और फिनलैंड जैसे लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
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भारत-फिनलैंड सहयोग को नई गति
PM Modi ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नोकिया के मोबाइल फोन और दूरसंचार नेटवर्क ने भारत में लाखों लोगों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने यह भी बताया कि फिनिश आर्किटेक्ट्स के सहयोग से चेनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल तैयार किया गया, जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग का प्रतीक है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत में हुए भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उनके अनुसार यह समझौता भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा।
डिजिटल और हाई-टेक क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देश डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, क्लीन एनर्जी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देगी।
इसके अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच इनोवेशन इकोसिस्टम को जोड़ने के लिए व्यापक माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट पर सहमति बनी है। इससे छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
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उन्होंने कहा कि फिनलैंड भारतीय छात्रों और प्रतिभाओं के लिए तेजी से एक पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। दोनों देश संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप सहयोग और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देंगे।
PM Modi ने दिया वैश्विक शांति और कूटनीति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत और फिनलैंड दोनों ही संघर्ष के जल्द अंत और शांति बहाली के प्रयासों का समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।
शिक्षा और मानव विकास पर भी सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल-से-स्कूल साझेदारी और शिक्षा के भविष्य पर संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों से लेकर उद्योग तक मानव संसाधन विकास के हर स्तर पर भारत और फिनलैंड के बीच सहयोग और गहरा होगा।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति स्टब की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देगी और आने वाले समय में भारत-फिनलैंड साझेदारी वैश्विक विकास और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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