होम ब्लॉग पेज 651

House Tax वसूली के लिए चलेगा अभियान, बकाया न चुकाने पर कुर्क होगी संपत्ति

0

Faridabad: संपत्ति कर (House Tax) न देने वालों की संपत्ति अब कुर्क की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर ने बकाया वसूलने का अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। जो बकाया नहीं चुकाएगा, उसकी संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे लोगों के पानी व सीवरेज के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। इसके लिए निगम कमिश्नर यशपाल यादव के साथ टैक्सेशन ब्रांच की मीटिंग हुई है।

निकिता मामले में नाराज भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव

नगर निगम को 9400 बड़े बकायेदारों से 218 करोड़ रुपये का टैक्स (House Tax) वसूल करना है। निगम प्रशासन कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में कठिनाइयों का सामना कर रहा है। कमिश्नर ने आदेश दिए हैं कि इन सभी को नोटिस भेजना शुरू किया जाए।

ग्रामीण, किसान की लाश लेकर पहुंचे Bank, दाह संस्कार के लिए माँगे पैसे।

 टैक्स छूट का लाभ 31 मार्च तक

निगमायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की नीति के अनुसार 2020-21 के संपत्ति कर (House Tax) की राशि जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। साथ ही जिन संपत्ति करदाताओं ने पिछले 3 साल में प्रत्येक वर्ष अपना संपत्ति कर निर्धारित तिथि 31 जुलाई से पहले जमा कराया है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जाएगी। वर्ष 2010-11 से वर्ष 2016-17 तक के बकाया मूल संपत्ति कर (House Tax) पर 25 प्रतिशत की छूट देने और एकमुश्त बकाया संपत्ति कर की अदायगी करने पर पूरा ब्याज माफ करने का प्रावधान किया गया है। यह सभी छूट 31 मार्च तक संपत्ति कर (House Tax) जमा करने वाले करदाताओं को ही मिलेगी।

घर बैठे जमा करें टैक्स

कमिश्नर यशपाल यादव ने करदाताओं से अपील की है कि कोविड-19 के चलते टैक्स (House Tax) ऑनलाइन जमा करवाएं। इसके लिए online.ulbharyana.gov.in/eforms/PropertyTax.aspx पर जाकर आवश्यक कॉलम भरें। केवल ओल्ड प्रॉपर्टी आईडी के कॉलम में पिछले सालों की संपत्तिकर की रसीद पर 13 अक्षरों की अंकित अपनी प्रॉपर्टी आईडी भरें। ओल्ड प्रॉपर्टी आईडी भरने का विकल्प चुनने वाले करदाताओं को दूसरे कॉलम भरने की आवश्यकता नहीं है।

Farm Laws: SC द्वारा बनाई गयी समिति से भूपेंद्र सिंह मान ने खुद को अलग किया

New Delhi: नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान आंदोलन (Farmers Protest) का आज (गुरुवार) 50वां दिन है. आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई के दौरान समाधान के लिए एक समिति का गठन किया था. कमेटी के सदस्‍यों में भारतीय किसान यूनियन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भूपिंदर सिंह मान (Bhupinder Singh Mann) भी थे. अब उन्होंने समिति से अपना नाम वापस ले लिया है. दरअसल कमेटी में भूपिंदर मान के नाम पर शुरुआत से ही बवाल हो रहा था. किसान नेताओं का कहना था कि मान पहले ही तीनों नए कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं.

किसानों ने लोहड़ी पर्व पर नये कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया।

भूपिंदर सिंह मान ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी. मान ने इस कमेटी में उन्हें शामिल करने के लिए शीर्ष अदालत (Supreme Court) का आभार जताया. पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे हमेशा पंजाब और किसानों के साथ खड़े हैं. एक किसान और संगठन का नेता होने के नाते वह किसानों की भावना जानते हैं. वह किसानों और पंजाब के प्रति वफादार हैं. किसानों के हितों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकता. वह इसके लिए कितने भी बड़े पद या सम्मान की बलि दे सकते हैं. मान ने पत्र में लिखा कि वह कोर्ट की ओर से दी गई जिम्मेदारी नहीं निभा सकते, अतः वह खुद को इस कमेटी से अलग करते हैं.

26 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, पंजाब में हजारों वॉलंटियर जुड़े

किसान नेताओं ने समिति में शामिल अन्य नामों पर भा ऐतराज जताया था. शीर्ष अदालत की तरफ से बनाई गई चार सदस्यों की समिति में BKU के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान, शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष अनिल घनवत, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान दक्षिण एशिया के निदेशक प्रमोद कुमार जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी शामिल हैं. अनिल घनवत ने मीडिया में लिखे अपने लेखों में किसान कानूनों के पक्ष में राय दी थी.

सरकार वापस नहीं लेगी कृषि कानून, सीएम मनोहर लाल खट्टर

बता दें कि कई जाने-माने कृषि अर्थशास्त्रियों ने नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लागू करने पर रोक लगाने तथा सरकार और आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच उन कानूनों को लेकर जारी गतिरोध दूर कराने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किए जाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री वाई के अलघ ने कहा था कि उन्हें लगता है कि  उच्चतम न्यायालय का यह फैसला बहुत विवेकपूर्ण है.

Special Marriage Act: नोटिस बोर्ड पर नहीं लगेंगी तस्वीरें, फौरन होगी शादी

0

Lucknow: स्पेशल मैरिजेस एक्ट (Special Marriage Act) में अब फौरन शादी हो सकेगी. अब शादी के लिए एक महीने इंतज़ार नहीं करना होगा. इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने अपने एक फैसले में एक महीने तक शादी करने वालों की फोटो नोटिस बोर्ड पर लगाने की पाबंदी खत्म कर दी है.

अदालत ने ये आदेश एक हैबिस कार्प्स एक्ट (Habeas Corpus Act) के तहत सुनवाई करते हुए दिया. इस मामले में सफ़िया सुल्ताना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू बनकर अपने दोस्त अभिषेक से शादी कर ली थी, लेकिन सफ़िया के पिता उसे उसके पति के साथ जाने से रोक रहे थे. 

ससुरालियों को जहरीला दूध पिला, दुल्हन (Bride) हजारों के गहने और नकदी ले उड़ी।

इस मामले को हल करने के बाद अदालत (Allahabad High Court) ने सफ़िया और अभिषेक से जानना चाहा कि उन्होंने स्पेशल मैरिजेस एक्ट (Special Marriage Act) में शादी क्यों नहीं कर ली जिसमें नाम या धर्म बदलने की ज़रूरत नहीं होती. इस पर उन्होंने बताया कि स्पेशल मैरिजेस एक्ट (Special Marriage Act) में शादी के लिए अर्जी देने पर एक महीने तक लड़के और लड़की की फोटो एक नोटिस के साथ मैरिज अफसर के दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर लगा दी जाती है. नोटिस में लड़के, लड़की का पूरे पते का प्रचार किया जाता है और यह लिखा होता है कि अगर इनकी शादी से किसी को ऐतराज़ हो तो वह एक महीने के अंदर मैरिज अफसर से संपर्क करे.

मां को याद कर रो रही बच्ची की पिता ने ही गुस्से में गला दबाकर कर दी हत्या

उनका कहना था कि यह दो तरह से उनके लिए सही नहीं था. एक तो यह उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन है, दूसरा ऐसा करने से परिवार वाले या दूसरे लोग जो अंतर्धार्मिक शादियों के विरोधी हैं, इसमें अड़ंगा लगाने लगते हैं.

इस पर अदालत (Allahabad High Court) ने आदेश दिया कि स्पेशल मैरिजेस एक्ट (Special Marriage Act) में शादी करने वालों की तस्वीर और नोटिस तभी लगाई जाएगी जब वे खुद ऐसा चाहते हों. वर्ना शादी के लिए उनकी अर्ज़ी देते ही उन्हें शादी का सर्टिफिकेट दे दिया जाए. अदालत ने कहा कि इस तरह नोटिस बोर्ड पर शादी करने वालों की फ़ोटो और पते का प्रचार करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है.

Jammu-Kashmir: कठुआ जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मिली सुरंग

0

New Delhi: पाकिस्तान (Pakistan) से लगी इंटरनेशनल बॉर्डर पर फिर से एक सुरंग (Tunnel) का पता चला है. बॉर्डर सिक्युरिटी फ़ोर्स को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के कठुआ जिले के बोबियां पोस्ट के पास इस सुरंग का पता चला है. 20 फीट गहरी इस सुरंग के घुसने का रास्ता ढाई फुट के करीब है. 

राजौरी में पाकिस्‍तानी सेना ने की बेवजह गोलीबारी, जवान शहीद

पाकिस्तान की ओर से सुरंग का एक सिरा है और दूसरा सिरा जीरो लाइन के पास दिख रहा है. सुरंग में से ही करांची में बनी बोरे का बैग भी मिला है. बीएसएफ के चौकस जवानों ने इस सुरंग का पता लगाया है. 

सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में दो आतंकी ढेर, एक जिंदा पकड़ा गया

अभी तक हुई जांच से पता चला कि इस सुरंग का इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ था. बीएफसफ़ और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर जाकर मामले की जांच करने में जुटे हैं.

Farmers Protest: किसानों ने लोहड़ी पर्व पर नये कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया।

0

New Delhi: कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) बुधवार को 49वें दिन जारी है। आंदोलनकारी किसानों ने लोहड़ी पर्व पर नये कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया। किसान संगठनों के नेताओं ने आंदोलन (Farmers Protest) तेज करने को लेकर पूर्व घोषित सभी कार्यक्रमों को जारी रखने का फैसला लिया है। 

भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल) के जनरल सेक्रेटरी हरिंदर सिंह ने कहा पंजाब, हरियाणा समेत देश के अन्य प्रांतों में भी लोहड़ी पर्व पर किसानों ने तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया। नये कृषि कानूनों पर किसानों की आपत्तियों और उनके समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा गठित कमेटी के मसले पर पूछे गए सवाल पर हरिंदर सिंह ने कहा, किसान तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं, इसलिए किसी कमेटी में जाने की बात उनको मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी कमेटी बनाकर फैसला करने का सुझाव दिया था, जिसे सभी किसान संगठनों ने एकमत से खारिज कर दिया था।

26 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, पंजाब में हजारों वॉलंटियर जुड़े

आंदोलनकारी किसान देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर पिछले साल 26 नवंबर 2020 से डेरा डाले हुए हैं और सिंघु बॉर्डर मुख्य प्रदर्शन स्थल है जहां आज लोहड़ी पर्व पर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का विशेष कार्यक्रम होगा। सिंघु बॉर्डर पर मौजूद पंजाब के किसान नेता और भाकियू के जनरल सेक्रेटरी पाल माजरा ने बताया कि दिन के करीब 12 बजे यहां किसान संगठनों की बैठक होगी जिसमें तीनों कानूनों की प्रतियां जलाने के कार्यक्रम का समय तय होगा।

किसान यूनियनों के नेता केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) कानून 2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून 2020 को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं।

सरकार वापस नहीं लेगी कृषि कानून, सीएम मनोहर लाल खट्टर

सुप्रीम कोर्ट ने नये कृषि कानूनों और किसानों के आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मंगलवार को इन कानूनों के अमल पर रोक लगाने का फैसला लिया और किसानों की समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन कर दिया जिसमें चार सदस्य हैं।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन में शामिल किसान संगठनों की तरफ से एक बयान में कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा गठित कमेटी में शामिल सभी चारों सदस्य नए कृषि कानून के पैरोकार हैं। मोर्चा की तरफ से जारी बयान में किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि हमें संतोष है कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्वक विरोध करने के अधिकार को मान्यता दी है।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर कसा तंज। 

बयान में कहा गया कि संयुक्त किसान मोर्चा तीनों किसान विरोधी कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता है क्योंकि यह आदेश उनकी इस मान्यता को पुष्ट करता है कि यह तीनों कानून असंवैधानिक हैं। उन्होंने कहा, लेकिन यह स्थगन आदेश अस्थाई है जिसे कभी भी पलटा जा सकता है। हमारा आंदोलन (Farmers Protest) इन तीन कानूनों के स्थगन नहीं इन्हें रद्द करने के लिए चलाया जा रहा है। इसलिए केवल इस स्टे के आधार पर हम अपने कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं कर सकते।

उन्होंने आगे कहा, हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन हमने इस मामले में मध्यस्थता के लिए सुप्रीम कोर्ट से प्रार्थना नहीं की है और ऐसी किसी कमेटी से हमारा कोई संबंध नहीं है। चाहे यह कमेटी कोर्ट को तकनीकी राय देने के लिए बनी हो या फिर किसानों और सरकार में मध्यस्थता के लिए, किसानों का इस कमेटी से कोई लेना देना नहीं है। कोर्ट ने जो चार सदस्य कमेटी घोषित की है उसके सभी सदस्य इन तीनों कानूनों के पैरोकार रहे हैं और पिछले कई महीनों से खुलकर इन कानूनों के पक्ष में माहौल बनाने की असफल कोशिश करते रहे हैं।

Delhi Schools: दिल्ली सरकार ने 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों के लिए 18 जनवरी से स्कूल खोलने के आदेश जारी किये।

0

New Delhi: : दिल्ली सरकार ने 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों के लिए स्कूल खोलने (Delhi Schools) के आदेश जारी किये हैं। 18  जनवरी से दिल्ली में स्कूल खुलेंगे। दिल्ली सरकार का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की इजाजत जरूरी होगी। 

दिल्ली के स्कूल (Delhi Schools) खोलने के लिए एक स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी किया गया है जिसका पालन सभी स्‍कूलों को करना होगा। कौन से बच्‍चे स्‍कूल आ रहे हैं, इसका रिकॉर्ड रखना होगा मगर इसे अटेंडेंस के‍ लिए इस्‍तेमाल नहीं किया जाएगा।

Delhi Schools खुलने पर इन बातों का ख्याल रखना होगा

सोशल  डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन करने के लिए 6 फीट की दूरी बनाए रखें
स्कूल को कैंपस में एक क्वारंटीन रूम की व्यवस्था करनी होगी।
स्कूल के सभी स्टाफ़ को स्कूल परिसर में ठीक तरीके से मास्क पहनकर रहना होगा
स्कूलों को परीक्षा से संबंधित गतिविधियों के लिए छात्रों को उचित मार्गदर्शन देना चाहिए और आवश्यक सहायता प्रदान करनी चाहिए।
हेड ऑफ स्कूल को प्रैक्टिकल, प्री बोर्ड से संबंधित शैक्षणिक कार्य, प्रोजेक्ट आदि की प्रैक्टिस के लिए एक टाइम टेबल बनाना होगा।
रूटीन गेस्ट के विजिट को फिलहाल रोका गया है।
केवल इमर्जेंसी की स्थिति में माता-पिता को उचित कोविड उपयुक्त व्यवहार प्रोटोकॉल के साथ आने की अनुमति दी जा सकती है।
स्कूल कैंपस के कॉमन एरिया में भीड़ को इकट्ठा करना प्रतिबंधित होगा।
कोविड-19 के बारे में निवारक उपायों से जुड़े पोस्टर और स्टैंड प्रमुखता से स्कूल कैंपस में प्रदर्शित किए जाएँगे।
सभी क्लासरूम, एंट्री पॉइंट्स, पार्किंग और वॉशरूम जैसी सभी महत्वपूर्ण जगहों पर कोरोना से जुड़े नियमों के पोस्टर व संदेश चिपकाए जाएँगे।
बच्चों के आने व जाने के लिए अलग-अलग लाइनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

चर्चा से भाग रही BJP, गिनाने के लिए काम नहीं है।

दिल्‍ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने पहले कहा था कि राजधानी में तबतक स्‍कूलों (Delhi Schools) को नहीं खोला जाएगा, जब तक वैक्‍सीन नहीं आ जाती। केंद्र सरकार ने 3 जनवरी, 2021 को कोरोना वायरस की दो वैक्‍सीन (Corona Vaccination) को इमर्जेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इसी के बाद, 6 जनवरी को सिसोदिया ने कहा था कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि राष्ट्रीय राजधानी में फिर से स्कूलों को जल्दी कैसे खोला जाए।

Yamuna Expressway: फरवरी से शुरू हो सकती है Fastag सेवा

0

Noida: यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway ) के जरिए दिल्ली से आगरा और आगरा से दिल्ली आने जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल चुकाने के लिए लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि यमुना एक्सप्रेस-वे पर Fastag की सुविधा शुरू होने जा रही है। फरवरी से यमुना एक्सप्रेसवे पर Fastag स्कैनर चालू हो जाएगा और इस बाबत यमुना विकास प्राधिकरण को सूचित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि कई बार निर्देश देने के बावजूद भी यमुना एक्सप्रेस-वे पर Fastag स्केनर की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस बाबत यमुना एक्सप्रेस-वे के प्रबंधकों को सख्त चेतावनी दी गई है।

Noida: साइबर अपराध शाखा ने दो विदेशियों को गिरफ्तार किया

बीते सप्ताह एक्सप्रेस-वे की प्रबंधक कंपनी जेपी इंफ्राटेक और वित्तपोषक बैंकों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें यमुना विकास प्राधिकरण ने फास्टैग स्कैनर लगाने के लिए कहा। सिंह ने बताया कि सोमवार को यमुना विकास प्राधिकरण को सूचित किया गया कि फरवरी माह से Fastag सुविधा शुरू हो जाएगी।

Noida: बहन से बदसलूकी का विरोध कर रहे भाई की हत्या, बदमाश गिरफ्तार

फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे से टू व्हीलर के लिए जेवर एग्जिट पर 60 रुपए शुल्क, मथुरा एक्जिट पर 135 रुपए, आगरा एग्जिट पर 205 रुपए और आगरा दिल्ली आने जाने के राउंड ट्रिप के लिए 330 रुपए शुल्क है। इसी तरह कार के लिए जेवर एक्जिट 120 रुपए, मथुरा एग्जिट 275 रुपए, आगरा एग्जिट 415 रुपए और आगरा दिल्ली आने जाने के लिए राउंड ट्रिप के लिए 665 रुपए शुल्क है। 

WHO: Corona Vaccination के बावजूद 2021 में ‘हर्ड इम्यूनिटी’ बनने की संभावना कम 

Geneva: भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में कोरोना से निर्णायक जंग लड़ने के लिए वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) कार्यक्रम की तैयारी तेजी से चल रही है. इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है. डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों ने चेताया है कि कई देश कोविड-19 से निपटने के लिए व्यापक पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम जरूर शुरू कर रहे हैं, लेकिन इस साल ‘हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity)’ बनने की संभावना बहुत कम है. 

दुनियाभर विशेष रूप से यूरोप में संक्रमण के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं. जिसकी वजह से वैक्सीन कार्यक्रम शुरू होने के बावजूद कोरोनावायरस (Corona Virus) से जुड़े प्रतिबंध बढ़ाने पड़ रहे हैं. 

ब्रिटेन में मामले तेजी से बढ़े हैं। फरवरी के मध्य तक स्टे-ऑन-होम लॉकडाउन लगा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने सोमवार को चेताया कि वैक्सीन  (Corona Vaccination) का उत्पादन बढ़ाने में समय लगेगा और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त डोज की जरूरत होगी. वायरस अब तक दुनिया में 9 करोड़ से ज्यादा लोगों को चपेट में ले चुका है और 20 लाख लोग जान गंवा चुके हैं.

स्वामीनाथन ने कहा, “हम 2021 में ‘पॉपुलेशन इम्युनिटी’ या ‘हर्ड इम्युनिटी’ (Herd Immunity)के मोर्चे पर किसी भी स्तर को पाने नहीं जा रहे हैं.” उन्होंने सामाजिक दूर, नियमित हाथ धुलने और मास्क पहनने पर जोर दिया है.

एक ही मास्क (Mask) का बार-बार इस्तेमाल है खतरनाक, रिसर्च में ख़ुलासा।

वायरस के नए वेरिएंट (Corona Virus New Strain) के तेजी से फैलने को लेकर भी विशेषज्ञ चिंतित हैं. ब्रिटेन ने सबसे पहले नया प्रकार पाया गया, जिसके बाद से वहां तेजी से संक्रमण फैलने का डर सता रहा है. 

Corona Virus New Strain: देश में अब तक 96 लोग हुए संक्रमित

0

New Delhi: ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (Corona Virus New Strain) से अब तक भारत में 96 लोग संक्रमित हुए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. सभी मरीजों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

शनिवार तक 90 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. मंत्रालय ने कहा कि इन सभी लोगों को संबंधित राज्य सरकारों के तय केन्द्रों में अलग अलग कमरों में पृथक रखा गया है. मंत्रालय ने बताया कि संपर्क में आने वालों, साथ में यात्रा करने वालों और परिवार के सदस्यों सहित अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है. उसने कहा कि अन्य नमूनों की अभी जांच की जा रही है.

फ्रांस में भी मिला कोरोना वायरस का नया स्‍ट्रेन

ब्रिटेन से आए कोविड-19 के इस नए स्वरुप (Corona Virus New Strain) से अभी तक डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडल, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में लोगों के संक्रमित होने की सूचना है.

बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (Corona Virus New Strain) के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने 23 दिसंबर से सात जनवरी तक भारत-ब्रिटेन के बीच उड़ान सेवा पर रोक लगा दी थी. हालांकि आठ जनवरी से शर्तों के साथ विमान की आवाजाही शुरू हुई है.

Farmers Protest: 26 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, पंजाब में हजारों वॉलंटियर जुड़े

0

New Delhi:  केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसानों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic day 2021) के दिन बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. किसान 26 जनवरी को दिल्‍ली कूच करने और ट्रैक्‍टर रैली के आयोजन की बात कह चुके हैं. इसके लिए किसान पंजाब में बड़े स्‍तर पर तैयारी में जुटे हैं. किसान अपने इस आंदोलन (Farmers Protest) में पंजाब में बड़ी संख्‍या में वॉलंटियर्स को जोड़ रहे हैं. पिछले दो दिनों में इसके लिए हजारों वॉलंटियर्स ने सहमति दे दी है.

किसान यूनियनों ने यह चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है और कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस नहीं लेती है तो वे 26 जनवरी को दिल्‍ली में ट्रैक्‍टर रैली करेंगे. माना जा रहा है कि पंजाब से वॉलंटियर और किसान बड़ी संख्‍या में ट्रैक्‍टर ट्रॉली के जरिये दिल्‍ली की ओर आएंगे. संयुक्‍त किसान मोर्चा की एक बैठक भी होनी है ताकि यह तय किया जा सके कि कब इन लोगों को दिल्‍ली पहुंचना है.

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कीर्ति किसान यूनियन पंजाब के उपाध्‍यक्ष राजिंदर सिंह का कहना है, ‘हमने शुक्रवार से वॉलंटियर्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इसे अच्‍छी प्रतिक्रिया मिली है. इससे हमारा आंदोलन (Farmers Protest) बेहतर तरीके से होगा. हम हर उस वॉलंटियर की जानकारी लिख रहे हैं जो 26 जनवरी के लिए सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर चलने को तैयार है. हमारा मानना है कि पंजाब से लाखों लोग वहां चलेंगे.’

पंजाब में वॉलंटियर्स की भर्ती प्रक्रिया ग्रामीण स्‍तर पर भी चल रही है. किसान यूनियनों के नेता गांवों में जाकर 26 जनवरी के आयोजन के लिए जागरूकता फैला रहे हैं. स्‍थानीय पंचायतों के साथ भी इस संबंध में बैठकें चल रही हैं. ताकि स्‍थानीय लोगों का सहयोग लिया जा सके. कीर्ति किसान यूनियन की ओर से की गई भर्ती के पहले दिन 3500 से अधिक लोग इससे जुड़े. इससे जुड़ने वाले अधिकांश लोग पुरुष हैं. उनकी उम्र 18 से 25 के बीच है.

न्‍यूजीलैंड में आईटी प्रोफेशनल जतिंदर सिंह पाल किसान आंदोलन (Farmers Protest) की शुरुआत से ही इसकी सिक्‍योरिटी टीम का हिस्‍सा हैं. वह कहते हैं, ’26 जनवरी के लिए अनौपचारिक रूप से करीब 1 लाख ट्रैक्‍टर ट्रॉली होंगी. लेकिन यह हमारा न्‍यूनतम आकलन है. कई लोग आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़ना चाहते हैं. ऐसे में संख्‍या और बढ़ सकती है. हमारे पास गणतंत्र दिवस को लेकर प्‍लान है और इसके लिए बातचीत हो रही है. नए जुड़ने वाले लोगों के डाटाबेस से हमें प्रबंधन में मदद मिलेगी.’

Farmers Protest: सरकार वापस नहीं लेगी कृषि कानून, सीएम मनोहर लाल खट्टर

New Delhi: कृषि कानूनों (Farm Laws) और कृषि आंदोलन (Farmers Protest) पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम खट्टर ने कहा कि सरकार कृषि कानून (Farm Laws) वापस नहीं लेगी. सीएम ने कहा कि इन कानूनों को लेकर केंद्र सरकार बात करती है, लेकिन अंत में किसान एक ही बात पर अड़ते हैं कि कानून को वापस लिया जाए. 

सीएम ने कहा इन कृषि कानूनों से किसानों का फायदा है. अगर संशोधन की जरूरत थी तो सरकार ने उसको भी मान लिया है. उन्‍होंने कहा कि किसान नेताओं ने एक रट लगा रखी है ‘मैं न मानूं’. कानून वापस लिए जाएं. यह सही नहीं है. सीएम ने कहा कि कानून बने हैं, एक साल तक उनका नतीज़ा देखना चाहिए.

सीएम खट्टर ने कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन (Farmers Protest) को कांग्रेस और कम्युनिस्टों से पोषित बताया है. खट्टर ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों का हाथ है. विपक्षी दल चाहे कांग्रेस हो या कम्युनिस्ट पार्टी के लोग हैं, वे गलतफहमी में न रहें. लोकतंत्र में विश्वास पैदा करें वरना लोग उन्हें सबक जरूर सिखाएंगे. 

हरियाणा के कैमला गांव में किसानों की रैली में काले झंडे दिखाए जाने के मामले में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने देर शाम प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि कृषि कानून (Farm Laws) को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है. उन्होंने कहा कि किसानों से बातचीत के लिए रैली का आयोजन किया गया था और इसमें किसानों की सहमति भी थी. लेकिन, कुछ लोगों ने सहमति का उल्लंघन करते हुए नारेबाजी और विरोध किया.  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बात को बातचीत से ही सुलझाया जाता है. लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है. 

Farmers Protest: किसानों के मार्च को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारें की

0

Chandigarh: हरियाणा पुलिस ने करनाल जिले के कैमला (kaimla) गांव की ओर किसानों के मार्च (Farmers Protest March) को रोकने लिए रविवार को पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे। इस गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ‘किसान महापंचायत’ को संबोधित करेंगे। पुलिस ने गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस गांव में खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के “फायदे’’ बताएंगे।

किसानों की मांग है कि इन कानूनों को निरस्त किया जाए। उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वे ‘किसान महापंचायत’ का विरोध करेंगे। किसान काले झंडे लिए हुए थे और भाजपा नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैमला गांव की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने गांव के प्रवेश स्थानों पर बैरीकेड लगा दिए ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएं।

Haryana Police fired tear gas shells water showers to stop farmers protest march
पुलिस ने गांव के प्रवेश स्थानों पर बैरीकेड लगा दिए ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएं।

कैमला (kaimla) गांव में प्रदर्शनकारी किसानों (Farmers Protest) ने ‘किसान महापंचायत’ के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) के ‘‘फायदे’’ बताने वाले थे। प्रदर्शनकारी किसानों ने मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया, कुर्सियां, मेज और गमले तोड़ दिए। किसानों ने अस्थायी हेलीपेड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरना था।

स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब किसान इस बात पर अड़ गए कि वे मुख्यमंत्री को कार्यक्रम नहीं करने देंगे। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी किसानों (Farmers Protest) को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दिए लेकिन वे मंच पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ गए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, “ हम सरकार को यह कार्यक्रम नहीं करने देंगे।“ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किसानों पर पानी की बौछारें छोड़ने और आंसू गैस के गोले दगवाने के लिए मुख्यमंत्री खट्टर की आलोचना की।

Sonu Sood: BMC के खिलाफ पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट, कहा-नहीं कराया कोई अवैध निर्माण

0

Mumbai: बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने उपनगर जुहू स्थित रिहायशी इमारत में कथित तौर पर बिना इजाजत अवैध रूप से ढांचागत बदलाव करने पर बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है. 

खबरों के मुताबिक अभिनेता सोनू सूद ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक एप्लिकेशन फाइल की है। जिसके जरिए उन्होंने बीएमसी के नोटिस को चैलेंज किया है, जिसमें उनके ऊपर जुहू स्थित इमारत पर बिना इजाजत कंस्ट्रक्शन का आरोप लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई अब सोमवार को होगी।

पूछताछ के लिए बहन के साथ बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंची एक्ट्रेस, दर्ज है राजद्रोह का केस।

सोनू सूद (Sonu Sood) ने अधिवक्ता डी पी सिंह के जरिये पिछले हफ्ते अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने छह मंजिला शक्तिसागर इमारत में कोई अवैध या अनधिकृत निर्माण नहीं कराया है. बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पृथ्वीराज चव्हाण की एक सदस्यीय पीठ सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी.

सिंह ने कहा, “याचिकाकर्ता (Sonu Sood) ने इमारत में ऐसा कोई बदलाव नहीं कराया है जिसके लिए बीएमसी (BMC) की अनुमति जरूरी हो. केवल वे बदलाव ही किए गए हैं जिसकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर योजना (एमआरटीपी) अधिनियम के तहत अनुमति है.” याचिका में पिछले साल अक्टूबर में बीएमसी द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने और इस मामले में सोनू सूद (Sonu Sood) के खिलाफ किसी दंडनात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत देने का भी अनुरोध किया गया है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल बीएमसी से नोटिस मिलने के बाद सोनू सूद (Sonu Sood) ने दीवानी अदालत का रुख किया था लेकिन वहां राहत नहीं मिलने पर उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया है. बीएमसी ने पिछले हफ्ते जुहू पुलिस थाने में शिकायत देकर कथित तौर पर बिना अनुमति आवासीय इमारत को होटल में तब्दील करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी.

साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक्टर, फैंस को दी सावधान रहने की नसीहत

बीएमसी ने पुलिस को शिकायती पत्र तब दिया जब उसने इमारत के निरीक्षण करने पर कथित तौर पर यह पाया कि सूद द् (Sonu Sood) वारा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया है और पिछले साल अक्टूबर में नोटिस दिए जाने के बावजूद वह अवैध निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं. हालांकि, पुलिस ने अबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. 

अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं और पिछले साल वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद की थी.

Muradnagar Cemetery Incident: जांच में सामने आए चौंकाने वाले सबूत,

Gaziabad: गाजियाबाद के मुरादनगर (Muradnagar) स्थित श्मशान घाट (Cemetery) हादसे में पूरे सिस्टम की मिलीभगत का खेल सामने आ रहा है। जेल भेज गया जेई चंद्रपाल सिंह 30 सिंतबर को सेवानिवृत्त हो चुका था, लेकिन उसके बाद भी वो नियमित रूप से नगर पालिका में टेंडर से जुड़े सभी काम देख रहा था। पालिका से लेकर ऊपर सिस्टम में बैठे अधिकारियों को पूरी जानकारी थी लेकिन किसी ने उसे नहीं रोका। बल्कि सेवानिवृत्त होने के बाद श्मशान घाट (Cemetery) के सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार कार्य का संशोधित एस्टिमेट भी बनाया गया था जिसमें कुल खर्च को 54 लाख से बढ़ाकर 65 लाख किया जाना था। 

NHRC ने यूपी सरकार-DGP को भेजा नोटिस, श्मशान की छत गिरने का मामला।

10 लाख रुपया अतिरिक्त खर्च होने का एस्टिमेट अगली पालिका बोर्ड बैठक में रखकर पास कराया जाना था, जिसको लेकर ठेकेदार और पालिका अधिकारियों की पहले से मौखिक सहमति बनी थी। प्रशासन और शासन के निर्देश पर चार स्तर की जांच चल रही है। एसआईटी और मजिस्ट्रेट जांच जारी है। अभी तक की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 

IN Muradnagar Cemetery Incident many Shocking evidence revealed in the investigation
File Photo

अवर अभियंता सीपी सिंह बीते वर्ष 30 सितंबर को ही सेवानिवृत्त हो गया था लेकिन उसके बाद पालिका में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों के एस्टिमेट बैक डेट से बनाता रहा। इसके साथ ही निर्माण कार्यों का सत्यापन भी उसके द्वारा बैक डेट से किया गया। अक्तूबर में श्मशान घाट (Cemetery) गलियारे बनाए जाने की तैयारी शुरू की गई और नवंबर में इसका निर्माण शुरू कर लिंटर डाल दिया गया। इसके डिजाइन को कहीं से पास कराया गया। इसको लेकर पालिका अधिकारी, जेई और ठेकेदार के बीच सहमति बनीं कि आगामी बोर्ड बैठक में एक संशोधित एस्टिमेट के साथ प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें दस लाख रुपया पास करा लिया जाएगा।

20 रुपये की उधारी पर बवाल, संप्रदाय विशेष के घरों पर ‘पलायन’ के पोस्टर

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि मौके से कुछ दस्तावेज जांच टीमों को मिले हैं जिनसे साफ होता है कि श्मशान घाट (Cemetery) का संशोधित एस्टिमेट बनाया जा रहा था लेकिन कुछ साक्ष्य कमिश्नर और आईजी की अध्यक्ष वाली कमेटी ने सील कर दिए हैं। सील किए गए साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। सेवानिवृत्त होने के बाद सीपी सिंह का नियमित रूप से अपने कार्यालय में आना जाना बना रहा है और फाइलों पर बैक डेट से हस्ताक्षर करने का खेल चलता रहा।  

फाइल अक्तूबर के बाद बनी लेकिन हस्ताक्षर 30 सिंतबर से पहले के

एक सेवानिवृत्त जेई को गिरफ्तार कर जेल भेजने का फैसला आसान नहीं था। खासकर जब यह बात सामने आ रही थी कि गलियारे का निर्माण अक्तूबर से दिसंबर के बीच हुआ है लेकिन प्रारंभिक जांच में कई अहम साक्ष्य मिले, जिन्होंने सीपी सिंह की गिरफ्तारी की राह को आसान बना दिया। बताया जा रहा है कि नगर पालिका में अक्तूबर से दिसंबर 2020 के बीच बड़ी संख्या में फर्मों को भुगतान किए गए। 

इन्हीं भुगतान की फाइलों ने कब्र खोद दी। कुछ भुगतान संबंधित फाइलें अक्तूबर में ही तैयार की गई। फर्मों की तरफ से प्रस्तुत किए गए भुगतान बिलों पर 30 सितंबर के बाद की डेट लिखी थी लेकिन जेई सीपी सिंह ने बैक डेट (30 सितंबर) डालकर कर सत्यापन कर दिया। इसी से साफ हो गया कि जेई नियमित तौर पर पालिका में काम कर रहा था और उसी की शह पर पूरा लिंटर डाला गया। 

Varanasi: छेड़खानी के आरोप में भाजपा (BJP) के पूर्व विधायक की पिटाई, वीडियो वायरल

Varanasi: वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन बार विधायक रहे मायाशंकर पाठक पर छेड़खानी का आरोप लगाकर चौबेपुर क्षेत्र के भगतुआ स्थित उनके कॉलेज में कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। रविवार को फेसबुक पर पूर्व भाजपा (BJP) विधायक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। 

बहन से बदसलूकी का विरोध कर रहे भाई की हत्या

पिटाई के वीडियो को उत्तर प्रदेश के सीनियर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर वाराणसी पुलिस से पूर्व (BJP) विधायक पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि प्रकरण की जांच चौबेपुर थाने की पुलिस को सौंपी गई है।

फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो के अनुसार, पूर्व भाजपा विधायक (BJP) पर उसी के कॉलेज की छात्रा के साथ छेड़खानी का आरोप लगा कर शनिवार को कुछ लोग गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मार रहे थे। वीडियो में पूर्व विधायक अपनी गलती भी स्वीकार कर रहा है।

उधर, इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। वीडियो की जांच कराई जा रही है। फिलहाल पूर्व भाजपा विधायक (BJP) या लड़की दोनों में से किसी भी पक्ष ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Gang Rape: नाबालिग से जानकार ने दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप

Rohtas:  इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के रोहतास जिले सासाराम से आ रही है, जहां दरीगांव थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप (Gang Rape) की घटना हुई है. गैंगरेप का आरोप जान पहचान के लोगों पर ही लगा है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस पीड़ित को पूछताछ के लिए थाने ले गई है.

बताया जाता है कि पीड़ित लड़की के पिता दरिगांव थाना क्षेत्र के एनएच-2 (NH-2) पर चाय नाश्ता खाना का दुकान चलाते हैं. जान पहचान के युवक गोलू नामक लड़के ने रात में लड़की को अपने तीन सहयोगियों के साथ उठाया और एक सुनसान जगह पर ले गए तथा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) किया.

इस घटना के बाद में खून से लथपथ लड़की किसी तरह घर पहुंची तथा परिजनों को बताया. बताया जाता है कि आरोपियों ने परिवार वालों को बाद में धमकी दी कि अगर पुलिस को सूचना दी तो गोली मार दी जाएगी. स्थानीय लोगों ने मामले में पंचायत भी करने की कोशिश की. सूचना देने पर आज सुबह पुलिस पहुंची तथा पीड़ित लड़की तथा परिजन को थाने ले गई है जहां लड़की से और जानकारी ली जा रही है.

तीन साल की बच्ची के साथ गैंगरेप (Gangrape), तीनों आरोपी नाबालिग, गिरफ्तार

इस मामले में आरोपी के पहचान होने के बाद भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पीड़ित लड़की तथा उसका परिवार काफी डरा सहमा है.

डरी सहमी है लड़की

इस वारदात के बाद लड़की काफी डरी सहमी हुई है. वह कहती है कि जिस युवक गोलू को वह भैया कहकर बुलाती थी, उसने ही उसके साथ गंदा काम (Gang Rape) किया. वह बार-बार कहती रही कि ‘गोलू भैया ऐसा मत कीजिए’ लेकिन उन्होंने खुद मेरे साथ गंदा काम किया, साथ में दो अन्य लड़कों ने भी मेरे साथ गलत हरकत (Gang Rape) की. पीड़ित लड़की इतनी डरी सहमी है कि कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है.

लड़की के परिजन काफी गरीब हैं और अभी तक पुलिस द्वारा अपराधियों पर दबिश नहीं बढ़ाने से परिजन हताश हैं. लड़की मानसिक रूप से काफी परेशान है, लेकिन उसे अस्पताल की जगह पुलिस थाने ले गई है.

Corona Virus: अमेरिका में बिगड़े हालात, संक्रमितों की संख्या 2.2 करोड़ के पार पहुंची

Washington: : अमेरिका अभी भी कोरोनोवायरस (Corona Virus) महामारी से बुरी तरह से जूझ रहा है। देश में इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या 2.2 करोड़ के पार पहुंच गई है जबकि 372,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने यह जानकारी दी। 

यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम्स साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने रविवार की सुबह अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि देश में कुल मामलों (Corona Virus) और मौतों की संख्या बढ़कर क्रमश: 22,110,203 और 372,152 हो गई है।

दुनिया के सबसे अधिक मामलों और मौतों के साथ अमेरिका महामारी (Corona Virus) से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, जहां वैश्विक मामलों में से 24 प्रतिशत से अधिक मामले और वैश्विक मौतों में से 19 प्रतिशत मौतें दर्ज हुई हैं।

सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को कैलिफोर्निया में 2,649,119 (Corona Virus) मामले दर्ज किए गए, जबकि टेक्सस में 1,943,625 मामले और फ्लोरिडा में 1,464,697 मामले दर्ज किए गए।

न्यूयॉर्क और इलिनॉय दोनों राज्यों ने 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए। 550,000 से अधिक मामलों वाले अन्य राज्यों में ओहायो, जॉर्जिया, पेंसिलवेनिया, टेनेसी, नॉर्थ कैरोलाइना, एरिजोना, मिशिगन और इंडियाना शामिल हैं।

अमेरिका में कुल कोविड-19 (Corona Virus) मामले 1 जनवरी को 2 करोड़ तक पहुंच गए, और तब से हर चार दिनों में यह संख्या 10 लाख बढ़ गई। मौतों के संदर्भ में, न्यूयॉर्क में शनिवार तक 39,334 लोगों की मौत हो चुकी है, जो मौतों के मामले में अन्य अमेरिकी राज्यों की अपेक्षा सबसे ज्यादा है।

Firozabad: मामूली विवाद में दबंगों ने महिला और उसके पति को बेल्ट से पीटा, दो गिरफ्तार

Firozabad: यूपी के फिरोजाबाद (Firozabad) जिले में बच्चों के मामूली विवाद के बाद दबंगों ने दुकानदार और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की है. दबंगों ने महिला को बुरी तरह बेल्ट से पीटा. वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो सामने आने के बाद तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

बहन से बदसलूकी का विरोध कर रहे भाई की हत्या

बाइक और ई रिक्शा की टक्कर के बाद हुआ विवाद

पूरा मामला फिरोजाबाद (Firozabad) के थाना रसूलपुर क्षेत्र के नगला बरी चौराहे का है. आदिल नाम के युवक की बाइक ई रिक्शा से टकरा गई थी. टक्कर में बाइक का शीशा टूटने के बाद वो बिफर गया और रिक्शा चालक की पिटाई कर दी. हंगामा देख वहां मौजूद मनोज ने बीच-बचाव कर आदिल को वहां से भगा दिया.

इसके थोड़ी देर बाद आदिल अपने साथियों के साथ फिर आ धमका और मनोज पर हमला बोल दिया. दबंगों ने मनोज की दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी. ये सब देखकर उसकी पत्नी बचाव में आई तो उसे भी बुरी तरह पीटा. आदिल और उसके दोस्तों ने महिला को बेल्ट से भी पीटा. वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया.

दो आरोपी गिरफ्तार

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीनों दबंग युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस की माने तो मामला बच्चों के झगड़े से शुरू हुआ और मारपीट में बदल गया. पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

Jodhpur: घर में नौकर ने परिवार को मंचूरियन सूप में जहर मिलाकर परोस दिया।

Jodhpur: जोधपुर (Jodhpur) में एक नौकर दंपति की ओर से अपने मालिक को मंचूरियन सूप में जहर मिलाकर परोसने का मामला सामने आया है । इस घटना के बाद परिवार के चार सदस्यों की तबीयत बिगड़ी एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। इधर मामला बिगड़ते देख नौकर दंपति मौके से फरार हो गया। घर में नौकर होना अब आम-सी बात है। लेकिन उनकी सही जांच -पड़ताल करना कितना जरूरी है। इस बात को जोधपुर (Jodhpur) के सरदारपुरा थाना क्षेत्र में हुई घटना से समझा जा सकता है।

पाँच सदस्यों के परिवार में चार ने खाया जहर, एक बच गया 

इस संबंध में पुलिस (jodhpur Police) सूत्रों ने बताया कि शहर के सरदारपुरा थाना अंतर्गत सरदारपुरा डी रोड पर शुक्रवार की रात एक नौकर दम्पत्ति ने मालिक परिवार के 4 लोगों को खाने में जहर मिलाकर खिला दिया। इसके बाद चारों की तबीयत बिगड़ने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन परिवार के एक सदस्य ने जहर मिला खाना नहीं खाया, तो नौकर दंपती मामला बिगड़ते देख मौके से फरार हो गया। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारम्भिक जांच शुरू कर दी है। 

 बेहोश होने लगे परिवार के लोग, तब किया अपने रिश्तेदारों को फोन किया

मिली जानकारी के अनुसार जहर मिले भोजन का सेवन करने से परिवार के सदस्य घनश्याम, शुभम, जयेश और नेहा धूत की अचानक तबीयत बिगड़ी। चारों उल्टी करते हुए बेहोश हो गए। लेकिन उनके परिवार के एक सदस्य ने भोजन नहीं किया था । वह अपने परिवार के एक-एक कर व्यक्ति को बेहोश होता देख हड़बड़ा गया। इसके बाद उसने तुरंत अपने रिश्तेदारों को फोन किया। इसी तरह आगे देखते ही देखते रिश्तेदार घर में जमा होने लगे । मामला बिगड़ता देख नौकर दंपति मौके से पैदल ही फरार हो गया। इधर बेहोश लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

सीसीटीवी के जरिए नौकर दंपती की तलाश

थानाधिकारी हनुमान सिंह का कहना है कि परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली गई है। सीसीटीवी (CCTV) के जरिए नौकर दंपती की तलाश की जा रही है। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) से नेपाल के रहने वाले मोहन और उसकी पत्नी कमला (नौकर दंपत्ति) की तस्वीरें हासिल कर ली है। अब दोनों की सरगर्मी से तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में भी जांच की जा रही है कि नौकरी दंपति घर से क्या-क्या आभूषण नकदी चुराकर ले गए हैं । उन्हें ट्रेक किया जा रहा है। 

एक हफ्ते पहले ही रखा था नौकरी पर 

प्राप्त जानकारी के अनुसार सप्ताह भर पहले ही इस परिवार ने इन दोनों को नौकरी पर रखा था। साथ ही दोनों नौकरों का परिवार ने पुलिस सत्यापन (Police Verification) भी नहीं करवाया गया था। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि संभवत घर में बड़ी चोरी करने के लिए के लिए ही इन लोगों ने यहां नौकरी हासिल की थी। साथ ही मौका देख कर मंचूरियन में जहर मिलाकर परिवार को परोस दिया। यह तो गनीमत रही कि घर के एक सदस्य ने भोजन नहीं किया। इसके चलते सभी का समय पर इलाज हो पाया। साथ ही घटना की जानकारी समय रहते अन्य परिजनों के पास पहुंच गई।

Corona Vaccination: कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से होगा शुरू

New Delhi : भारत सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण (Corona Vaccination) अभियान को 16 जनवरी से शुरू करने का फैसला लिया है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। सरकार ने कहा कि पीएम मोदी (PM Modi) ने कोरोना वायरस (Corona Virus) की स्थिति की समीक्षा और सरकार 16 जनवरी से कोरोना के खिलाफ टीकाकरण (Corona Vaccination) अभियान शुरू करने जा रही है।

कोरोना वैक्सीन के लिए Co-WIN ऐप पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन

Corona Vaccine पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों की दी जाएगी।

सरकार की ओर से कहा गया कि कोरोना वायरस की वैक्सीन (Corona Vaccination) सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों की दी जाएगी। सरकार ने बताया कि करीब 3 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहले टीका लगाना सरकार की प्राथमिकता है। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के बाद लगभग 27 करोड़ लोगों को वैक्सीन (Corona Vaccination) दी जाएगी, जिनमें 50 साल की उम्र से अधिक के लोग और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले 50 साल से कम उम्र के लोग शामिल होंगे।

टीके के लिए होगा एक डिजिटल प्लेटफार्म

सरकार ने बताया कि एक डिजिटल टीका आपूर्ति प्रबंधन प्रणाली टीके के भंडार, भंडारण तापमान, लाभार्थियों के संबंध में जानकारी देगी। सरकार ने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म स्वत: सत्र आवंटित करने, सत्यापन और टीकाकरण (Corona Vaccination) के बाद व्यक्तियों को प्रमाणपत्र प्रदान करने में मदद करेगा। 

स्वास्थ्य मंत्री का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा महीनों तक सहयोगपूर्ण मंथन और टीका वितरण विशेषज्ञता पर काम करने के बाद भारत ने कोविड-19 टीकाकरण (Corona Vaccination) प्रक्रिया को सुगठित किया है। यह बात उन्होंने 16वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 2021 को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने अंतत: कोविड-19 टीका प्रदायगी के लिए अत्याधुनिक डिजिटल मंच ‘कोविन’ बना लिया है। टीकाकरण के बाद किसी प्रतिकूल प्रभाव की संभावना जैसी स्थिति में टीकों की सुरक्षा में विश्वास कायम रखना हमारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।’’