Laxmi Puja 2025: कोजागरी लक्ष्मी पूजा या लोकखी पूजा की तिथि, समय और अनुष्ठान

यह त्योहार कड़ी मेहनत, स्वच्छता और भक्ति के माध्यम से समृद्धि का प्रतीक है। मान्यता के अनुसार, देवी लक्ष्मी इस रात स्वर्ग से अवतरित होती हैं और उन घरों में आती हैं जहाँ सच्चे और जागरूक लोग रहते हैं।

नई दिल्ली: Laxmi Puja 2025 या कोजागरी लोक्खी पूजा बंगाल में 6 अक्टूबर, 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 6 अक्टूबर को दोपहर 12:23 बजे शुरू होगी और 7 अक्टूबर को सुबह 9:16 बजे समाप्त होगी। निशिता पूजा का मुहूर्त 7 अक्टूबर को रात 11:45 बजे से रात 12:34 बजे तक रहेगा।

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लक्ष्मी पूजा 2025, जिसे कोजागरी लक्ष्मी पूजा या लोक्खी पूजा के नाम से भी जाना जाता है, पूरे बंगाल में बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। यह त्योहार आश्विन मास की पूर्णिमा की रात को पड़ता है और इस विश्वास का प्रतीक है कि देवी लक्ष्मी भक्तों के घरों में आकर उन्हें समृद्धि और खुशियाँ प्रदान करती हैं।

Laxmi Puja 2025: तिथि एवं मुहूर्त

भक्त निशिता काल पूजा करते हैं, जिसे कोजागरी पूर्णिमा के दौरान देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है।

इस रात, भक्त चमकते हुए पूर्णिमा के नीचे जागते हैं, यह विश्वास करते हुए कि देवी उन लोगों को आशीर्वाद देती हैं जो प्रार्थना में सचेत रहते हैं। ‘कोजागोरी’ का शाब्दिक अर्थ है कौन जाग रहा है?

कोजागरी Laxmi Puja 2025 का महत्व

कोजागरी पूर्णिमा धन, समृद्धि और पवित्रता की देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है। बंगाल में इसे प्यार से लोक्खी पूजा कहा जाता है और यह दुर्गा पूजा के समापन का प्रतीक है। परिवार अपने घरों की सफाई करते हैं, प्रवेश द्वारों को अल्पना (रंगोली) से सजाते हैं और देवी को आमंत्रित करने के लिए मिट्टी के दीपक जलाते हैं।

यह त्योहार कड़ी मेहनत, स्वच्छता और भक्ति के माध्यम से समृद्धि का प्रतीक है। मान्यता के अनुसार, देवी लक्ष्मी इस रात स्वर्ग से अवतरित होती हैं और उन घरों में आती हैं जहाँ सच्चे और जागरूक लोग रहते हैं।

बंगाल में Laxmi Puja करने की रस्में

कोजागरी लक्ष्मी पूजा के लिए आवश्यक पूजा सामग्री

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