Mallikarjun Kharge का बड़ा बयान बोले महिलाओं को हक दिलाने में देरी के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला।

Mallikarjun Kharge ने मोदी सरकार की नीयत पर उठाए गंभीर सवाल

अपने भाषण में Mallikarjun Kharge ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद से पास जरूर हुआ, लेकिन सरकार ने इसे लागू करने के लिए कोई ठोस और समयबद्ध कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल को पास करने के बाद उसे लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रखा गया और जब चुनाव नजदीक आए, तब इसे फिर से राजनीतिक मुद्दा बनाया गया। उनके मुताबिक, यह दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि चुनावी फायदा उठाना है।

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ऑल पार्टी मीटिंग न बुलाने पर सवाल

खड़गे ने कहा कि अगर सरकार सच में महिला आरक्षण लागू करना चाहती, तो वह सभी दलों को साथ लेकर एक ऑल पार्टी मीटिंग बुलाती और सहमति से रास्ता निकालती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर केवल यह दिखाने की कोशिश की गई कि सरकार महिलाओं के मुद्दे को लेकर गंभीर है, जबकि असल में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कांग्रेस का दावा—महिलाओं के अधिकारों की पुरानी लड़ाई

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने Rajiv Gandhi और P. V. Narasimha Rao का जिक्र करते हुए बताया कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की शुरुआत कांग्रेस सरकारों ने ही की थी।

उनके अनुसार, इसी फैसले का परिणाम है कि आज देशभर में लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व कर रही हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनी हैं।

डिलिमिटेशन और देरी का मुद्दा

खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण बिल में डिलिमिटेशन जैसी शर्तें जोड़कर इसे लागू करने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा कि इन शर्तों के कारण महिलाओं को उनका अधिकार मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है।

अपने संबोधन में खड़गे ने Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru और Sardar Vallabhbhai Patel जैसे नेताओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने देश को एकजुट कर लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत किया और सभी वर्गों को अधिकार दिलाने की दिशा में काम किया।

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