PM Modi ने श्रीलंका की अपनी चौथी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत हमेशा श्रीलंका का सच्चा और भरोसेमंद पड़ोसी रहा है। उन्होंने याद किया कि उनकी पिछली यात्रा एक संवेदनशील समय में हुई थी, जब श्रीलंका चुनौतियों से जूझ रहा था। उस समय भी उन्होंने विश्वास जताया था कि श्रीलंका कठिनाइयों से उबरकर प्रगति और मजबूती की राह पर लौटेगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि आज श्रीलंका को फिर से विकास की दिशा में अग्रसर देखकर उन्हें प्रसन्नता और गर्व हो रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत ने हर मुश्किल घड़ी में श्रीलंका का साथ दिया है — चाहे वह 2019 के आतंकवादी हमले का समय रहा हो, कोविड-19 महामारी का दौर, या फिर हालिया आर्थिक संकट।
श्रीलंका को लेकर PM Modi का भावुक संबोधन
PM Modi ने कहा कि भारत की यह निरंतर सहायता पड़ोसी पहले नीति का जीवंत उदाहरण है, जहाँ सहयोग, सहानुभूति और समर्पण के साथ क्षेत्रीय मित्रों की मदद की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत न केवल आपदा के समय बल्कि पुनर्निर्माण और विकास के समय भी श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की मज़बूत नींव को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना, और अब वे खुद राष्ट्रपति के पहले विदेशी मेहमान हैं। यह आपसी सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
PM Modi ने कहा कि श्रीलंका भारत की “पड़ोसी पहले” (Neighbourhood First) नीति और “मिशन सागर” के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण साझेदार है। इन दोनों पहलों का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता, सहयोग और मानवीय सहायता को बढ़ावा देना है।
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