PM Modi ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लिया

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI Impact Summit 2026 में ​​PM Modi ने कहा कि भारत केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वैश्विक क्रांति का हिस्सा नहीं है, बल्कि उसे नेतृत्व दे रहा है और उसका स्वरूप भी तय कर रहा है। लीडर्स के पूर्ण अधिवेशन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव इतिहास के सबसे बड़े परिवर्तनों में से एक है और आने वाले वर्षों में यह समाज, अर्थव्यवस्था और शासन के ढांचे को गहराई से प्रभावित करेगी।

​​PM Modi ने कहा कि एआई के लिए भारत का दृष्टिकोण ‘मानव’ शब्द में निहित है। उनके अनुसार, तकनीक का उद्देश्य केवल दक्षता बढ़ाना नहीं, बल्कि मानवता की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे एआई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना चाहता है जो मानव-केंद्रित, संवेदनशील और वैश्विक हित में कार्य करने वाला हो।

PM Modi ने AI को वैश्विक सार्वजनिक हित के रूप में विकसित करने का आह्वान किया

​​PM Modi ने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को दुनिया की आम भलाई के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक सीमाओं से परे जाती है, इसलिए इसके उपयोग और नियमन के लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत “भारत में डिजाइन करें, दुनिया को प्रदान करें और मानवता की सेवा करें” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

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उन्होंने यह भी कहा कि एआई के क्षेत्र में नवाचार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि तकनीक का उपयोग सावधानी और नैतिकता के साथ नहीं किया गया, तो इसके दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं।

डीपफेक और भ्रामक सामग्री पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई आधारित डीपफेक और बनावटी सामग्री पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे उपकरण खुले समाजों को अस्थिर कर सकते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वॉटरमार्किंग और स्पष्ट स्रोत मानकों को तेजी से लागू करना आवश्यक हो गया है, ताकि डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही। उनके अनुसार, डिजिटल युग में बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए सरकारों, उद्योग और समाज को मिलकर काम करना होगा।

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100 से अधिक देशों की भागीदारी

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। इसमें वैश्विक नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता, स्टार्ट-अप, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व से स्पष्ट है कि दुनिया भारत की तकनीकी क्षमता और नेतृत्व को गंभीरता से देख रही है।

उन्होंने कहा कि इस समिट का उद्देश्य स्पष्ट है—पृथ्वी और मानवता की भलाई के लिए एआई की शक्ति का उपयोग करना। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन वैश्विक एआई शासन, नवाचार और जिम्मेदार उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस विश्वास के साथ किया कि भारत तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों के संतुलन के माध्यम से एआई युग में विश्व को नई दिशा देगा।

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