कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया है। गुरुवार को राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि CBSE OSM प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों में उनकी “मिलीभगत” हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वास्तव में छात्रों की चिंता होती, तो धर्मेंद्र प्रधान को अब तक पद से हटा दिया गया होता।
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COEMPT कंपनी को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए CBSE OSM कॉन्ट्रैक्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर यह कॉन्ट्रैक्ट COEMPT नाम की कंपनी को क्यों दिया गया, जबकि यह कंपनी पहले अपने पुराने नाम ‘ग्लोबेरेना’ के तहत विवादों में घिर चुकी थी।
राहुल गांधी ने लिखा, “धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितना हमला करना चाहें कर सकते हैं, लेकिन इससे आप अपने गुनाहों से बरी नहीं होंगे। न ही यह मुझे 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से रोकेगा।”
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उन्होंने आगे पूछा कि इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कोई बैकग्राउंड चेक किया गया था या नहीं। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि COEMPT के प्रबंधन और केंद्र सरकार के बीच क्या संबंध हैं।
‘या तो जानकारी थी या लापरवाही हुई’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार या तो कंपनी के विवादित इतिहास के बारे में जानती थी और फिर भी उसे कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या फिर बिना उचित जांच के फैसला लिया गया। उन्होंने कहा, “या तो आपने बैकग्राउंड चेक किया और फिर भी आगे बढ़ गए, या आपने कोई जांच ही नहीं की। दोनों ही स्थिति में आप जिम्मेदार हैं।”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर होती, तो जिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्रवाई होती। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और सरकार को जवाब देना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान ने लिया जिम्मेदारी का दावा
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE OSM प्रक्रिया में आई तकनीकी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि छात्रों को हुई परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा था कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रधान ने कहा था कि खरीद प्रक्रिया भारत सरकार की निर्धारित नीतियों के अनुसार की गई थी और पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत संचालित हुई। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि इस समय राजनीति करने के बजाय छात्रों का मानसिक तनाव कम करने पर ध्यान दें।”
CBSE ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए गए वास्तविक OSM पोर्टल से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा URL केवल एक टेस्टिंग साइट से संबंधित था और उसका लाइव मूल्यांकन प्रणाली से कोई संबंध नहीं था।
CBSE ने यह भी कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी उपाय मौजूद हैं। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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