Defence Indigenisation को बढ़ावा, Rajnath Singh ने ₹3,070 करोड़ की सूची का किया ऐलान

रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में Rajnath Singh ने एक बड़े कदम के तौर पर, रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) ने छठी ‘पॉज़िटिव इंडिजनाइज़ेशन लिस्ट’ (PIL) जारी की है। इसमें 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आइटम शामिल हैं, जिनका अनुमानित बिज़नेस पोटेंशियल 3,070 करोड़ रुपये है।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस कदम से भारतीय इंडस्ट्री के लिए मौके बढ़ेंगे, घरेलू रक्षा निर्माण इकोसिस्टम मज़बूत होगा, निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

इन 405 आइटम में से 16 भारतीय तटरक्षक बल (ICG) से जुड़े हैं, जबकि 389 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) से संबंधित हैं। रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सूची में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं, जो कई तरह के रक्षा प्लेटफॉर्म और सिस्टम से जुड़े हैं।

Defence Manufacturing में आत्मनिर्भरता, Su-30MKI और LCA समेत कई प्लेटफॉर्म शामिल

इनमें एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, Su-30MKI, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और AL-31FP इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

साथ ही, इसमें T-72, T-90 और BMP-II जैसे बख्तरबंद प्लेटफॉर्म, और कोंकर्स-एम (Konkurs-M), इनवार (Invar) और MRSAM जैसे युद्धपोत और मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैं।

इस लिस्ट में रडार, सोनार, फायर कंट्रोल सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम जैसे डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक गोला-बारूद और दूसरे ज़रूरी डिफेंस इक्विपमेंट भी शामिल हैं।

हर आइटम के लिए स्वदेशीकरण की एक अनुमानित समय-सीमा तय की गई है। एक बार जब ये आइटम सफलतापूर्वक स्वदेशी रूप से विकसित हो जाएंगे, तो इन्हें भारतीय इंडस्ट्री से खरीदा जाएगा।

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Defence Indigenisation में Rajnath Singh का बड़ा कदम, DPSU और ICG के साथ MSME की बढ़ेगी भागीदारी

DPSU और ICG घरेलू इंडस्ट्री, खासकर MSME की भागीदारी के साथ ‘मेक’ (Make) प्रक्रिया और इन-हाउस डेवलपमेंट जैसे अलग-अलग तरीकों से स्वदेशीकरण का काम करेंगे।

छठी PIL, भारत के घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत सरकार की कोशिशों का हिस्सा है।

SRIJAN डिफेंस पोर्टल को DDP ने अगस्त 2020 में लॉन्च किया था ताकि DPSUs और सर्विस हेडक्वार्टर, MSMEs और स्टार्ट-अप्स समेत भारतीय इंडस्ट्री को स्वदेशी डेवलपमेंट और प्रोडक्शन के लिए डिफेंस आइटम ऑफर कर सकें।

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इस पोर्टल ने जून 2026 तक DPSUs और सर्विस हेडक्वार्टर द्वारा स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से ज़्यादा डिफेंस आइटम ऑफर करने में मदद की है। इसमें पहली पाँच पॉजिटिव स्वदेशीकरण लिस्ट के तहत नोटिफाई किए गए 5,012 आइटम शामिल हैं।

पिछले पाँच सालों में 15,700 से ज़्यादा डिफेंस आइटम सफलतापूर्वक स्वदेशी बनाए गए हैं, जिससे लगभग 9,000 करोड़ रुपये की अनुमानित इम्पोर्ट सब्स्टिट्यूशन वैल्यू मिली है। DPSUs ने मार्च 2026 तक घरेलू वेंडर्स के साथ लगभग 10,000 करोड़ रुपये के इन-हाउस प्रोडक्शन सहित प्रोक्योरमेंट ऑर्डर भी दिए हैं।

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