रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि रक्षा मंत्री Rajnath Singh 8 से 10 सितंबर तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा करेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री श्रीलंका के नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे और कोलंबो में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे।
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Rajnath Singh का श्रीलंका दौरा
बयान के मुताबिक, वह रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाले एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।बयान में कहा गया है कि भारत और श्रीलंका के बीच गहरी सांस्कृतिक और सभ्यतागत साझेदारी है।
यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है। दोनों देशों के रिश्तों को तब और मजबूती मिली
जब भारत ने आर्थिक संकट के समय श्रीलंका की मदद की और 2025 में श्रीलंका में आए चक्रवात ‘डिटवाह’ के बाद सबसे पहले मदद करने वालों में शामिल होकर सहायता पहुंचाई।
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भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति पर प्रतिबद्धता
बयान में कहा गया है कि इससे ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ (MAHASAGAR – क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) विजन के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता और जोर का पता चलता है।
बयान में आगे कहा गया है कि रक्षा मंत्री की श्रीलंका यात्रा से दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत और दोस्ताना रिश्ते और मजबूत होंगे। इसमें समुद्री और रक्षा साझेदारी जैसे आपसी फायदे वाले क्षेत्र शामिल हैं भारत के ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन का मतलब है ‘क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति’।
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