Sambit Patra: सुप्रीम कोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (SSC) द्वारा की गई 25,000 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखने के बाद, इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे आरोप लगाए हैं।
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Sambit Patra ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और इसे खुली छूट दी, जिसके कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस भर्ती घोटाले को “नौकरियों के लिए रिश्वत घोटाला” बताते हुए कहा कि इसमें व्यापक स्तर पर अनियमितताएं थीं, जिसके कारण लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हुए।
Sambit Patra ने ममता बनर्जी पर तंज कसा
Sambit Patra ने ममता बनर्जी के हालिया ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय दौरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने खुद को “शेरनी” बताया था, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी नेता इस उपमा के योग्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को खुली छूट दी है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
यह मामला पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (SSC) द्वारा की गई 25,000 से अधिक नियुक्तियों से जुड़ा है, जिसे कोर्ट ने अवैध ठहराया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार से ग्रसित बताया था और कई अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि इस भर्ती घोटाले में बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी हुई, जिससे योग्य उम्मीदवारों के हक को नुकसान पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ममता सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, और इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मचने की संभावना है। इससे विपक्ष को ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आक्रामक होने का अवसर मिल गया है।
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