शिवसेना (UBT) नेता Sanjay Raut ने रविवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी गिरफ्तारियों को लेकर BJP की आलोचना की। उन्होंने इस आंदोलन को लोकतंत्र के लिए एक व्यापक मुहिम बताया और आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाज़ को दबा रही है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में Sanjay Raut ने कहा, “यह मुद्दा सिर्फ़ CJP तक सीमित नहीं है; यह छात्रों और युवाओं की क्रांति है। जब देश भर के छात्र सड़कों पर उतरते हैं, तो उसे क्रांति कहा जाता है।”
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BJP पर विरोध दबाने के आरोप
Sanjay Raut ने आगे कहा, “हिटलर ने जर्मनी में अपने आखिरी दिनों में इसी तरह का व्यवहार किया था – विरोध को दबाना, विपक्ष को गिरफ्तार करना, लोगों को घरों में नज़रबंद रखना… यह आंदोलन रुका नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्रियों और सांसदों को हिरासत में लिया जा रहा है। देश में हिरासत और पुलिस राज का माहौल है। यह मानना होगा कि देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं।”
राहुल गांधी के सोमवार से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के आह्वान का ज़िक्र करते हुए राउत ने कहा कि वह प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने कल से सभी को दिल्ली बुलाया है और हम भी दिल्ली में ही रहेंगे। चाहे हमें गिरफ़्तारी का सामना करना पड़े या पुलिस की गोलीबारी का, हम डटकर खड़े रहेंगे और लोकतंत्र के लिए लड़ेंगे।”
राउत ने बीजेपी पर भारत को “बनाना रिपब्लिक” (कमज़ोर और अस्थिर देश) में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए भगवा कपड़े पहने लोगों को तैनात किया है।
उन्होंने प्रदर्शनों को संभालने के तरीके को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। Sanjay Raut ने कहा, “मोगैंबो मोदी, इस बार मोगैंबो खुश नहीं होगा; इस बार मोगैंबो रोएगा, भागेगा और अंडरग्राउंड हो जाएगा।”
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Amit shah के घर पर कड़ा पहरा
दिल्ली में शाह के आवास के आसपास भारी सुरक्षा तैनाती का आरोप लगाते हुए राउत ने दावा किया कि इलाके में 1,50,000 हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम से सुरक्षा बल बुलाए गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के अंदर असंतोष पनप रहा है और भविष्यवाणी की कि सत्ताधारी पार्टी में फूट पड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च के बाद सत्ता में नहीं रहेंगे।
Sanjay Raut ने मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माफ़ी की मांग की।
राउत ने कहा, “तुषार गांधी को लॉकअप में नहीं रखा जा सकता। यह दावा गलत है कि उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था।” उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी को पिछले दरवाज़े से बाहर ले जाया गया और सांताक्रूज़ के बजाय बोरीवली ले जाया गया।
Sanjay Raut ने दिल्ली में लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करने में केंद्र सरकार की विफलता का भी आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्री अमित शाह के आवासों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
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