Umar Khalid और Sharjeel Imam की बेल खारिज, Shehzad Poonawala का Congress-AAP पर तीखा प्रहार

SC ने दिल्ली दंगों से जुड़े प्रमुख आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। BJP नेता Shehzad Poonawala ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और आप पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने इसे “टुकड़े-टुकड़े गैंग” के लिए करारा प्रहार करार दिया।
कोर्ट का सख्त रुख

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के मामले क्वालिटेटिवली अलग हैं। यह कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि देश को तोड़ने की सुनियोजित साजिश है। कोर्ट ने दंगों को “सोचा-समझा प्रयोग” करार दिया, जो हिंदू विरोधी नरसंहार का हिस्सा था। पूनावाला ने कहा, “ये दंगे स्पॉन्सर्ड और ऑर्गेनाइज्ड थे, एम फैक्टर वोट बैंक के लिए। संयोग या सहज नहीं।”
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Shehzad Poonawala का कांग्रेस इकोसिस्टम पर निशाना

Shehzad Poonawala ने कांग्रेस के “इकोसिस्टम” को निशाने पर लिया। उन्होंने याद दिलाया कि वही गिरोह अफजल गुरु के लिए “हम शर्मिंदा हैं” चिल्लाता था, याकूब को “हालात का शिकार” बताता था। सोनिया गांधी ने बाटला हाउस मृतकों के लिए आंसू बहाए, नक्सलियों को शहीद कहा। “आज उमर-शरजील के लिए विदेश से समर्थन पत्र आ रहे हैं। क्या यह राष्ट्रद्रोह का पैटर्न नहीं?” पूनावाला ने सवाल किया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से टुकड़े-टुकड़े गैंग को दर्द हो रहा है। “सत्यंव जयते!” उन्होंने सोमनाथ मंदिर से भारत की सभ्यता जोड़कर राष्ट्रवादी संदेश दिया।
Shehzad Poonawala का AAP और Tahir Hussain पर सवाल

पूनावाला ने आप को घेरा। ताहिर हुसैन, केजरीवाल का करीबी, जिसके घर से पेट्रोल बम बरामद हुए, उसके लिए संजय सिंह ने कहा था, “मुसलमान होने से फंसाया गया।” पूनावाला ने पूछा, “क्या एम फैक्टर के चलते दंगाइयों को संरक्षण दिया गया? आप, टीएमसी, सपा क्या अंकित शर्मा, रतन लाल, दिलबर नेगी के परिवारों से माफी मांगेगी?”
2020 दिल्ली दंगे देश के इतिहास का काला अध्याय हैं। 53 मौतें, सैकड़ों घायल। उमर खालिद-शरजील पर CAA विरोधी प्रदर्शनों को हिंसक बनाने का आरोप। विपक्ष ने बेल की मांग की, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर राहत दी। भाजपा इसे न्यायिक जीत बता रही।
पूनावाला ने कहा, “भाजपा न्याय की पक्षधर है। विदेशी समर्थन वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।” विपक्ष ने चुप्पी साधी। कांग्रेस ने बयान से इनकार किया।
यह फैसला देशव्यापी बहस छेड़ सकता है। भाजपा राष्ट्रवाद को मजबूत बताएगी, विपक्ष न्यायपालिका पर सवाल उठा सकता। पूनावाला ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा। “भारत की एकता अटल है।”
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