नई दिल्ली: Delhi की तीस हजारी कोर्ट में हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन देखने को मिला, जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए चल रही कोर्ट की कार्यवाही के दौरान एक व्यक्ति को धूम्रपान करते हुए देखा गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने व्यक्ति से स्पष्टीकरण मांगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
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जिला न्यायाधीश (पश्चिम) शिव कुमार ने 25 मार्च को आदेश दिया, “आवेदक सुशील कुमार को अगली सुनवाई (एनडीओएच) पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए कोर्ट नोटिस जारी किया जाए।” कोर्ट वसीयत की प्रोबेट से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी, तभी यह घटना हुई।
ऑनलाइन सुनवाई में नियमों का उल्लंघन
शुरुआत में सुशील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। उन्हें फोन पर बात न करने को कहा गया क्योंकि इससे अदालती कार्यवाही में व्यवधान पैदा होता है। उन्होंने अदालत के निर्देश को नहीं माना। इसके बाद उनकी आवाज म्यूट कर दी गई।
जब Delhi की अदालत ने उनके कदाचार के बारे में पूछा तो सुशील कुमार ने अदालत से माफी मांगी और उक्त कदाचार को दोबारा न दोहराने का वचन दिया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश लिखवाया। इस दौरान अदालत के कर्मचारियों ने बताया कि अदालत द्वारा आदेश लिखवाए जाने के दौरान सुशील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर धूम्रपान कर रहे थे। जब अदालत ने आवेदक सुशील कुमार से उनके कदाचार के बारे में पूछा तो वे वीडियो कॉल छोड़कर चले गए, उनके वकील भी अगली तारीख लेकर अदालत से चले गए।
Delhi की अदालत ने 29 मार्च को पेश होने का आदेश दिया
बाद में अदालत ने सुशील कुमार को 29 मार्च, 2025 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि अदालती कार्यवाही के दौरान धूम्रपान करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
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