इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए देशव्यापी ऑनलाइन नागरिक याचिका शुरू की। साथ ही, संगठन ने नागरिकों, खासकर भारत के युवाओं से चुनावी पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, Gyanesh Kumar, इट्स डन ब्रो” (Gyanesh, It’s Done Bro) नाम के इस अभियान का मकसद इस मुद्दे को सोशल मीडिया से आगे ले जाकर इसे देश भर के युवाओं और नागरिकों को शामिल करते हुए एक बड़े लोकतांत्रिक आंदोलन में बदलना है।
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10 महीनों में 14 आपत्तियां
यह विवाद ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनावी-रोल प्रक्रियाओं और SIR कवायद से जुड़े फैसलों और आदेशों पर 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी।
हालांकि, ECI का कहना है कि ड्राफ्टिंग के दौरान लिखित टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आपसी मतभेद एक मल्टी-मेंबर संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं। उसने कहा है कि SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
IYC ने कहा है कि जब किसी ऐसी संस्था पर सवाल उठते हैं जिस पर हर नागरिक के वोटिंग अधिकारों की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, तो पूरी पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही होनी चाहिए।
इंडियन यूथ कांग्रेस अधिकारियों के सामने ये मांगें रख रही है: इसमें Gyanesh Kumar को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाना और नागरिकों की याचिका के अनुसार CEC, Gyanesh Kumar की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाना शामिल है।
इसने पूरी वोट चेन और वोटर लिस्ट व चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रोसेस की व्यापक जांच की मांग की है, साथ ही कैंपेन में उठाए गए कथित BJP कनेक्शन की भी जांच की मांग की है।
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Gyanesh Kumar से रिकॉर्ड की मांग
इसके अलावा, CEC ‘Gyanesh Kumar से सभी चुनावी रिकॉर्ड और आंतरिक आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है, ताकि नागरिक चुनाव आयोग की फैसले लेने की प्रक्रिया और कामकाज की जांच कर सकें।
IYC के नेशनल इंचार्ज मनीष शर्मा ने कहा, “वोट देने का अधिकार हमारे लोकतंत्र की नींव है। चुनाव आयोग किसी सरकार या किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है—यह भारत के लोगों का है।
जब इस संस्था के कामकाज पर सवाल उठते हैं, तो नागरिकों को पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करने का अधिकार है।” IYC के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब ने कहा, “यह सिर्फ़ एक ऑनलाइन याचिका बनकर नहीं रहेगी।
इंडियन यूथ कांग्रेस इस कैंपेन को एक जन-आंदोलन बनाना चाहती है। हम इस संदेश को कैंपस, कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़, युवा संगठनों, समुदायों और देश के हर हिस्से तक ले जाएंगे। हम चाहते हैं कि युवा भारतीय यह समझें कि अपने वोट की पवित्रता की रक्षा करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार और ज़िम्मेदारी है।
IYC ने कहा कि यह कैंपेन पूरे भारत के नागरिकों की भागीदारी चाहेगा और उन्हें याचिका पर साइन करने, अपनी चिंताएं साझा करने और चुनावी जवाबदेही के लिए बड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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