West Bengal में BJP की ऐतिहासिक जीत के बीच TMC ने मांगी VVPAT गिनती

West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव Abhishek Banerjee ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 30 लाख असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जिससे चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा बयान जारी करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने “बहुत मुश्किल चुनाव” लड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत निर्वाचन आयोग ने कथित तौर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। उनके मुताबिक, जिन संस्थाओं का काम निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराना था, उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान काउंटिंग प्रक्रिया, ईवीएम की मूवमेंट और कंट्रोल यूनिट्स के कथित मिसमैच जैसी घटनाओं ने लोगों के मन में संदेह पैदा किया। अभिषेक बनर्जी ने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

चुनाव बाद हिंसा का आरोप

West Bengal की तृणमूल कांग्रेस नेता ने चुनाव बाद हिंसा और पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई टीएमसी समर्थकों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर किसी को धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो वह सीधे उनसे संपर्क करे।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के नेतृत्व में पार्टी लोकतांत्रिक और कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। उनके मुताबिक, यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।

West Bengal में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने West Bengal विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 206 से अधिक सीटें जीतकर पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। वहीं, 15 साल तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

भाजपा विधायक दल के नेता Suvendu Adhikari ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और भाजपा अध्यक्ष J. P. Nadda समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राजनीतिक टकराव और आगे की चुनौती

चुनाव नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ भाजपा इसे “बदलाव का जनादेश” बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की तैयारी में जुटी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव बाद हिंसा को रोकने की होगी। वहीं, विपक्ष की भूमिका निभाने जा रही तृणमूल कांग्रेस अब खुद को लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के मुद्दे पर केंद्रित करती दिखाई दे रही है।

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