US President Donald Trump ने घोषणा की है कि आयातित वाहनों पर नए शुल्क 2 अप्रैल 2025 के आसपास लागू होंगे। यह कदम उनके व्यापार नीतियों का हिस्सा है, जिसमें वे विभिन्न देशों से आयातित वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
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ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि कई देशों में अमेरिकी उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाए जाते हैं, जबकि अमेरिका में उन देशों के उत्पादों पर अपेक्षाकृत कम शुल्क है। उदाहरण के लिए, भारत मोटरसाइकिलों पर 100% शुल्क लगाता है, जबकि अमेरिका केवल 2.4% शुल्क लेता है।
इस असंतुलन को दूर करने के लिए, राष्ट्रपति ट्रम्प ने “पारस्परिक शुल्क” (reciprocal tariffs) की नीति अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे अन्य देशों के शुल्क दरों के अनुरूप अमेरिकी शुल्क दरें बढ़ाई जाएंगी।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आयातित वाहनों पर नए शुल्क लगाने से अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए वाहनों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है और वैश्विक व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, यह कदम अमेरिकी वाहन निर्माताओं के लिए भी चुनौतियाँ पैदा कर सकता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर हैं।
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यह निर्णय राष्ट्रपति Trump की उस व्यापक व्यापार नीति का हिस्सा है, जिसमें वे अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करने और व्यापार घाटे को कम करने के लिए आयातित वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाने की वकालत करते हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के कदम वैश्विक व्यापार युद्ध को बढ़ावा दे सकते हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।