अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने कार्यकाल के दौरान चार देशों के 5.3 लाख से अधिक प्रवासियों की कानूनी स्थिति रद्द करने का निर्णय लिया। यह फैसला मुख्य रूप से टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) और अन्य वीजा कार्यक्रमों के तहत अमेरिका में रह रहे प्रवासियों को प्रभावित करता है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क था कि इन देशों में स्थितियाँ सामान्य हो चुकी हैं, और इन प्रवासियों को अब अपने मूल देशों में लौट जाना चाहिए।
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Trump का अप्रवासियों पर शिकंजा
इस निर्णय से हजारों परिवारों और श्रमिकों को अमेरिका छोड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया, जिससे मानवीय और कानूनी संकट की स्थिति बन गई। इसके अलावा, अमेरिकी अदालतों में कई मुकदमे दायर किए गए, जिनमें इस फैसले को चुनौती दी गई। हालांकि, बाद में जो बाइडेन प्रशासन ने कुछ राहत उपायों की घोषणा की, लेकिन यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में प्रवासियों के अधिकारों को लेकर एक प्रमुख बहस का विषय बना हुआ है।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने घोषणा की है कि आगामी एक महीने में क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेज़ुएला के हजारों लोगों को अमेरिका से निर्वासित किया जाएगा। यह फैसला पूर्व राष्ट्रपति Trump द्वारा ‘मानवीय पैरोल’ को समाप्त करने के आदेश के अनुरूप लिया गया है। यह नीति अक्टूबर 2022 के बाद अमेरिका आए लगभग 5,32,000 प्रवासियों को प्रभावित करेगी।
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‘मानवीय पैरोल’ व्यवस्था समाप्त
‘मानवीय पैरोल’ एक कानूनी व्यवस्था थी, जिसके तहत युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता के चलते प्रभावित देशों के लोगों को अमेरिका में अस्थायी रूप से प्रवेश करने की अनुमति दी जाती थी। लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने अप्रवासन को नियंत्रित करने के लिए इस कार्यक्रम को समाप्त कर दिया, जिससे हजारों लोगों के भविष्य पर अनिश्चितता छा गई है। इस फैसले के बाद, प्रशासन ने वीज़ा अनुरोधों पर भी कार्रवाई रोक दी, जिससे शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए अमेरिका में कानूनी रूप से रहने की संभावनाएँ सीमित हो गई हैं।
इस नीति को लेकर संघीय न्यायालयों में चुनौती दी जा चुकी है, और कई मानवाधिकार संगठनों तथा अप्रवासी समूहों ने ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दूसरी ओर, बाइडेन प्रशासन ने इस संकट को हल करने के लिए चार देशों के प्रत्येक से हर महीने 30,000 लोगों को काम करने की पात्रता के साथ अमेरिका आने की अनुमति दी थी और मेक्सिको को भी प्रवासियों को वापस लेने के लिए राज़ी किया था।
क्यूबा ने निर्वासन उड़ानों को स्वीकार किया
हालांकि, क्यूबा ने सीमित संख्या में निर्वासन उड़ानों को स्वीकार किया है, जबकि वेनेज़ुएला और निकारागुआ ने किसी भी निर्वासित व्यक्ति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। वहीं, हैती की अस्थिरता के कारण अमेरिकी निर्वासन प्रयासों में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। इस नीति का प्रभाव अमेरिका की अप्रवासन व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गहरा असर डाल सकता है।
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