Navratri 2025: भारत में शारदीय नवरात्रि 2025 को सबसे रंगीन त्योहारों में से एक माना जाता है। इस नौ दिवसीय उत्सव में हर दिन एक अलग रंग होता है। नवरात्रि 2025 के चौथे दिन पीला रंग प्रबल होगा।
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पीला रंग खुशी, ऊर्जा और दिव्य शक्ति का प्रतीक है। अपनी चमकदार मुस्कान से संसार की रचना करने वाली देवी माँ कुष्मांडा की इस दिन भक्त पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि वह भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य, धन और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती हैं। आइए जानें नवरात्रि के चौथे दिन के रंग का महत्व, उसका महत्व और क्या पहनना चाहिए।
Navratri के चौथे दिन का रंग क्या है?
नवरात्रि 2025 का चौथा दिन पीला है। यह खुशी, सकारात्मकता और चमक का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस दिन पीला रंग पहनने से माँ कुष्मांडा की कृपा प्राप्त करते हुए समृद्धि और बुद्धि की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के चौथे दिन कौन सा रंग पहनें?
भक्तों को चौथे दिन पीले रंग के कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कुछ लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हैं:
- उत्सव की कढ़ाई वाली चटक पीली साड़ियाँ या सूट
- विपरीत रंग के दुपट्टों के साथ पीले लहंगे
- हल्के लेकिन शुभ स्पर्श के लिए चटक पीले रंग के कुर्ते, स्कार्फ या चूड़ियाँ
- पूजा करते या व्रत रखते समय पीले रंग के कपड़े पहनने से भक्त माँ कुष्मांडा की पोषण और जीवनदायिनी ऊर्जा से जुड़ जाते हैं।
25 सितंबर को, भक्त पीले रंग के वस्त्र पहनेंगे, अपनी वेदियों को गेंदे के फूलों से सजाएँगे और माँ कुष्मांडा को पारंपरिक भोग अर्पित करेंगे। ऐसा कहा जाता है कि Navratri के दिन के रंग का लगातार पालन करने से सकारात्मकता बढ़ती है और भक्तों को देवी की दिव्य शक्ति से जोड़ा जाता है।
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