उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हाल ही में लखीमपुर खीरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 13 जनवरी से 22 फरवरी के बीच 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया है। उन्होंने महाकुंभ की सफलता को प्रदेश की क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया इसकी प्रशंसा कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने उन लोगों की आलोचना की जो विकास और राज्य की क्षमता पर नकारात्मक टिप्पणियाँ करके महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के आर्थिक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में लगभग 3.25 से 3.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बताया।
Yogi Adityanath ने महाकुंभ के दौरान ‘कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन’ सम्मेलन का उद्घाटन किया
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पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में, Yogi Adityanath ने महाकुंभ के दौरान ‘कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन’ सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर चर्चा करते हुए नदियों और वन्यजीवों के संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में राज्य सरकार ने 210 करोड़ पौधे लगाए हैं और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई है।