Yogini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व है। यह व्रत प्रत्येक माह में दो बार — कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में रखा जाता है। सामान्यतः वर्ष में 24 एकादशी तिथियाँ होती हैं, जबकि अधिकमास होने पर इनकी संख्या 26 हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार, प्रत्येक एकादशी का अपना विशिष्ट नाम, महत्व और फल होता है।
Shani Pradosh Vrat 2025: जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय
इन व्रतों के प्रभाव से भक्त को सांसारिक सुख, मानसिक शांति और अंततः मोक्ष की प्राप्ति संभव मानी जाती है। वर्ष 2025 में आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी को लेकर तिथि को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में व्रतधारियों के लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि Yogini Ekadashi की सही तिथि, पूजन का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और पारण का समय क्या होगा।
यह व्रत विशेष रूप से पापों के नाश और पुण्य संचय के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है, जो आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है।
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी, वर्ष 2025 में 21 जून (शनिवार) को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि 21 जून सुबह 7:18 बजे से प्रारंभ होकर 22 जून सुबह 4:27 बजे तक रहेगी। चूंकि एकादशी की उदयातिथि 21 जून को पड़ रही है, अतः व्रत 21 जून को ही रखा जाएगा।
इस दिन भद्रा काल का साया सुबह 5:24 से 7:18 बजे तक रहेगा, अतः पूजन इसी के उपरांत करना श्रेयस्कर होगा।
Yogini Ekadashi पूजन के शुभ मुहूर्त:
- प्रमुख पूजन मुहूर्त: सुबह 4:04 बजे से 4:44 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तक
- अमृत काल: दोपहर 1:12 से 2:41 बजे तक
व्रत का पारण (उपवास खोलने का समय) 22 जून को दोपहर 1:47 बजे से शाम 4:35 बजे तक करना श्रेष्ठ रहेगा।
इस व्रत को करने से व्यक्ति पूर्वजों के ऋण से मुक्ति, पापों का नाश और धन-ध्यान-संपदा की प्राप्ति करता है। शास्त्रों के अनुसार, Yogini Ekadashi का व्रत रखने से सौ अश्वमेध यज्ञों तथा हजार गौदानों के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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