8th Pay Commission को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है क्योंकि केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी सैलरी में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। कर्मचारी यूनियनें बेसिक सैलरी पेंशन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं, जबकि एक्सपर्ट्स यह अंदाज़ा लगा रहे हैं कि इन बदलावों का मासिक आय पर कितना असर पड़ सकता है।
जानकारों का मानना है कि 8th Pay Commission का फ़ायदा सिर्फ़ बेसिक सैलरी तक ही सीमित नहीं रहेगा। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे अलाउंस में भी बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि HRA सीधे बेसिक पे से जुड़ा होता है। फिटमेंट फ़ैक्टर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से न सिर्फ़ बेसिक सैलरी, बल्कि सैलरी के कई दूसरे हिस्से भी बढ़ सकते हैं।
BankBazaar के CEO अधिल शेट्टी ने कहा कि कर्मचारियों को सिर्फ़ बदली हुई बेसिक सैलरी पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए। उनके मुताबिक, नए पे कमीशन का HRA जैसे सैलरी से जुड़े फ़ायदों पर पड़ने वाले असर पर भी विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे कुल मासिक आय में काफ़ी बदलाव आ सकता है।
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HRA की गणना कैसे की जाती है और यह क्यों ज़रूरी है?
अभी, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके शहर की श्रेणी के आधार पर HRA मिलता है। X-श्रेणी के शहरों में तैनात कर्मचारियों को उनकी मूल सैलरी का 30% HRA के तौर पर मिलता है, जबकि Y-श्रेणी के शहरों में यह 20% और Z-श्रेणी के शहरों में 10% होता है।
अगर 8th Pay Commission के तहत फिटमेंट फ़ैक्टर बढ़ता है, तो बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी से HRA भी अपने-आप बढ़ जाएगा। मेट्रो शहरों और दूसरे बड़े शहरी इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के मासिक भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी लेवल-1 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 2.0 के फिटमेंट फैक्टर से उसकी संशोधित बेसिक सैलरी बढ़कर 36,000 रुपये हो सकती है। X-कैटेगरी वाले शहर में HRA बढ़कर लगभग 10,800 रुपये हो सकता है।
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अलग-अलग फिटमेंट फ़ैक्टर के साथ सैलरी और HRA में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
अगर 8th Pay Commission फिटमेंट फ़ैक्टर 2.28 तय किया जाता है, तो लेवल-1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 41,040 रुपये हो सकती है, जबकि X-कैटेगरी के शहर में HRA लगभग 12,310 रुपये तक पहुँच सकता है।
अगर फिटमेंट फ़ैक्टर 2.57 हो जाता है, तो संशोधित बेसिक सैलरी बढ़कर ₹46,260 हो सकती है। HRA बढ़कर X-श्रेणी के शहरों में लगभग ₹13,880, Y-श्रेणी के शहरों में ₹9,250 और Z-श्रेणी के शहरों में ₹4,630 हो सकता है।
8th Pay Commission लेवल-10 के कर्मचारियों के लिए, जिनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है, 2.57 का फिटमेंट फैक्टर संशोधित बेसिक सैलरी को लगभग 1.44 लाख रुपये तक बढ़ा सकता है। उनका HRA X-श्रेणी के शहरों में लगभग 43,250 रुपये, Y-श्रेणी के शहरों में 28,840 रुपये और Z-श्रेणी के शहरों में 14,420 रुपये तक बढ़ सकता है।
हालांकि, सैलरी में अंतिम बढ़ोतरी 8th Pay Commission की सिफारिशों और फिटमेंट फैक्टर व अलाउंस स्ट्रक्चर पर सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।
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