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Nitin Gadkari का कड़ा संदेश: “जो करेगा जाति की बात, उसको कस के मारूंगा लात”

Nitin Gadkari ने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में भी बात की और कहा कि 12 डी. लिट डिग्री रखने के बावजूद वे 'डॉ' की उपाधि का उपयोग नहीं करते, क्योंकि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने शनिवार को जाति-आधारित राजनीति के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके गुणों से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति, धर्म, भाषा या लिंग से। नागपुर में सेंट्रल इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह राजनीति में पहचान के आधार पर भेदभाव को स्वीकार नहीं करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें चुनावी नुकसान उठाना पड़े।

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Nitin Gadkari ने दी चेतावनी: ‘जाति की राजनीति करने वालों को मारूंगा लात”

उन्होंने कहा कि बहुत से लोग जाति के नाम पर उनसे मिलने आते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि “जो करेगा जाति की बात, उसको कस के मारूंगा लात।” गडकरी ने कहा कि उन्होंने 50,000 लोगों से कहा है कि वे जाति के आधार पर राजनीति नहीं करेंगे, क्योंकि इससे समाज बंटता है और विकास प्रभावित होता है।

उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता के लिए जाति और धर्म के आधार पर वोट मांगना गलत है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि वह अपने सिद्धांतों पर कायम रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें सत्ता का नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े। उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने वालों को नकारें और देश के विकास में योगदान दें।

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शिक्षा का उद्देश्य समाज और राष्ट्र को लाभ पहुँचाना होना चाहिए।

Nitin Gadkari's strong message: "Whoever talks about caste, I will kick him hard"

वर्तमान में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में कार्यरत Nitin Gadkari ने देश के सड़क बुनियादी ढांचे के विस्तार में अपनी भूमिका का उल्लेख किया और छात्रों को बताया कि केवल डिग्री ही सफलता का मानक नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज और राष्ट्र को लाभ पहुँचाना होना चाहिए।

Nitin Gadkari ने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में भी बात की और कहा कि 12 डी. लिट डिग्री रखने के बावजूद वे ‘डॉ’ की उपाधि का उपयोग नहीं करते, क्योंकि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की थी। उन्होंने छात्रों को नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने की मानसिकता विकसित करने की सलाह दी और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता का ज्ञान बहुत जरूरी है और इससे देश की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।

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