India Alliance का कोई “मकसद” नहीं है: Shehzad Poonawalla का विपक्षी गठबंधन पर हमला

विपक्षी दलों के India Alliance की महत्वपूर्ण बैठक के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गठबंधन की एकजुटता और राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाए हैं। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को India Alliance को “कागज़ी गठबंधन” करार देते हुए कहा कि इस गठबंधन का कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं है और यह आंतरिक मतभेदों से घिरा हुआ है।
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“सिर्फ कागजों पर मौजूद है India Alliance”
पूनावाला ने कहा कि India Alliance में शामिल दलों के बीच लगातार टकराव और असहमति देखने को मिल रही है, जिससे यह साफ हो जाता है कि गठबंधन केवल नाम भर का है। उन्होंने कहा, “इस INDIA गठबंधन का कोई मकसद नहीं है, इसमें सिर्फ बंटवारा है। झारखंड में JMM और कांग्रेस के बीच राज्यसभा सीट को लेकर विवाद चल रहा है। NCP (SP) के बैठक में शामिल न होने की चर्चा है। यह गठबंधन सिर्फ कागजों पर मौजूद है, जमीनी स्तर पर इसका कोई अस्तित्व नहीं दिखाई देता।”
दिल्ली में विपक्षी दलों की अहम बैठक
पूनावाला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में India Alliance की अहम बैठक आयोजित की गई है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस बैठक को आगामी राजनीतिक रणनीति और विपक्षी एकता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खड़गे ने उठाए आर्थिक और सामाजिक मुद्दे
बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश के सामने मौजूद आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय बताया।
खड़गे ने संसद में विपक्षी दलों की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि India Alliance ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाई।
महंगाई और विदेश नीति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारत की कूटनीतिक रणनीति में स्पष्टता और मजबूती की कमी दिखाई दे रही है।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठाता रहेगा।
कई बड़े नेता बैठक में शामिल
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी हिस्सा लिया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, वामपंथी नेता जॉन ब्रिटास, दीपांकर भट्टाचार्य और पी. संदोष कुमार भी बैठक में शामिल हुए। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़ने की जानकारी दी गई।
DMK की दूरी ने बढ़ाई चर्चा
हालांकि, विपक्षी एकता के दावे के बीच कुछ दलों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ चल रहे मतभेदों के कारण बैठक से दूरी बना ली। इसे विपक्षी गठबंधन के भीतर मौजूद चुनौतियों के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्ष vs सत्ता पक्ष की नई सियासत
एक ओर जहां BJP विपक्षी गठबंधन को बिखरा हुआ और उद्देश्यहीन बता रही है, वहीं India Alliance के नेता दावा कर रहे हैं कि गठबंधन लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मुद्दों पर मजबूती से एकजुट है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी दल अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और सत्तारूढ़ BJP के मुकाबले किस प्रकार की राजनीतिक चुनौती पेश करते हैं।
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