Yoga Day पर PM Modi का मंत्र- तन, मन और आत्मा का संतुलन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर PM Modi ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। हजारों योग साधकों के साथ उन्होंने कॉमन योग प्रोटोकॉल सत्र में भाग लिया और योग को मानवता को जोड़ने वाली शक्ति बताया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” रही, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया।
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दुनिया को जोड़ रहा है योग: PM Modi
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए PM Modi ने कहा कि 21 जून केवल वर्ष का सबसे लंबा दिन नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया को योग के माध्यम से जोड़ने वाला एक वैश्विक उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और भारत के पूर्वी से पश्चिमी छोर तक योग के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला है।
PM Modi ने कहा कि आज दुनिया भर के लोग स्वास्थ्य, संतुलन और आंतरिक शांति की खोज में योग को अपना रहे हैं। यह योग की सार्वभौमिक स्वीकार्यता और उसकी जोड़ने वाली शक्ति का प्रमाण है।
बंगाल की आध्यात्मिक विरासत का किया उल्लेख
PM Modi ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रही है। उन्होंने भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरबिंदो और लाहिड़ी महाशय जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने योग और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को नई दिशा दी।
उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके आसपास की दुनिया के साथ सार्थक जुड़ाव में है, और यही भावना योग का मूल आधार भी है।
केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला
PM Modi ने स्पष्ट किया कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम समझना एक बड़ी भूल होगी। उन्होंने कहा कि योग चेतना, ऊर्जा और आत्मिक विकास का माध्यम है, जो जीवन के हर चरण को बेहतर बनाने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि योग किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, वयस्क और बुजुर्ग—सभी इसके माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
स्वस्थ उम्र बढ़ाने का प्रभावी माध्यम
इस वर्ष की थीम “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” का उल्लेख करते हुए PM Modi ने कहा कि योग बढ़ती उम्र के बावजूद शरीर और मन को सक्रिय बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि लोगों को यह प्रयास करना चाहिए कि वे उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होने के बजाय अधिक ऊर्जावान और लचीले बनें। योग नियमित अभ्यास के माध्यम से शरीर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग तनाव को कम करता है, ऊर्जा का स्तर बनाए रखता है और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाता है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
मानसिक स्वास्थ्य से शारीरिक स्वास्थ्य तक का मार्ग
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने योग के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्व पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन की शांति और आत्म-जागरूकता का भी मार्ग है।
उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास व्यक्ति को अपने शरीर और मन को बेहतर ढंग से समझने की क्षमता देता है। यह जागरूकता व्यक्ति को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सही निर्णय लेने में सहायता करती है।
बेहतर भविष्य की जरूरत बन चुका है योग
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज योग केवल एक व्यक्तिगत अभ्यास नहीं रह गया है, बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने भगवद्गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि संतुलित भोजन, संतुलित जीवनशैली और संतुलित व्यवहार ही योग का सार है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित तथा सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि योग मानवता को जोड़ने और दुनिया में शांति व सद्भाव स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
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