Baruipur रेप-मर्डर केस: Pawan Khera बोले- “सभी रेप एक जैसे डरावने होते हैं, इसे राजनीतिक चश्मे से न देखें”

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के Baruipur में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित रेप और हत्या के मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच कांग्रेस नेता Pawan Khera ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यौन हिंसा का हर अपराध समान रूप से भयावह होता है और ऐसे मामलों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

पवन खेड़ा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में Baruipur की घटना को लेकर तीखी बहस चल रही है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

“रेप को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए” – Pawan Khera

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि किसी भी यौन अपराध को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब किसी विपक्षी शासित राज्य में ऐसी घटना होती है तो उसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया जाता है, लेकिन यदि ऐसी घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में होती हैं तो राजनीतिक प्रतिक्रिया का स्वर अलग दिखाई देता है।

पवन खेड़ा ने कहा, “सभी रेप एक जैसे डरावने होते हैं। उन्हें इस आधार पर नहीं देखा जा सकता कि अपराध किस राज्य में हुआ है या वहां किस पार्टी की सरकार है। जब तक समाज और सरकारें पूरी गंभीरता से नहीं जागेंगी, तब तक हर ऐसी घटना को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार राजनीतिक दल महिलाओं के खिलाफ अपराधों को भी राजनीतिक चश्मे से देखने लगते हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक है।

ममता बनर्जी के Baruipur दौरे को लेकर बढ़ा विवाद

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी Baruipur जाकर पीड़ित परिवार से मिलने वाली थीं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आवास के बाहर भारी पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती कर उन्हें प्रभावी रूप से “हाउस अरेस्ट” करने की कोशिश की गई।

तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ममता बनर्जी अपने प्रस्तावित दौरे पर नहीं जा सकीं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

TMC नेताओं ने उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसी जननेता को घटनास्थल पर जाने से रोकने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “दीदी एक जननेता हैं और वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी होना चाहती थीं। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती क्यों की गई, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।”

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में न्याय की मांग उठी थी, उसी तरह Baruipur की घटना में भी निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

जांच में प्रगति, दो आरोपी गिरफ्तार

इस बीच, Baruipur पुलिस जिले ने पुष्टि की है कि मामले की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की के कथित रेप और हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला सुरक्षा पर फिर छिड़ी राजनीतिक बहस

इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी प्रतिक्रिया दी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Baruipur की यह घटना एक बार फिर देश में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों के राजनीतिकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब भी यही है कि पीड़ित परिवार को जल्द और निष्पक्ष न्याय कब मिलेगा।

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