ED के सामने पेश हुए Abhishek Banerjee! शिक्षक भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा?

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे कथित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में पूछताछ की गई। केंद्रीय एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
ED ने इसी महीने की शुरुआत में Abhishek Banerjee को समन जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था। एजेंसी का मानना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर उनसे जानकारी ली जा सकती है। हालांकि, Abhishek Banerjee और तृणमूल कांग्रेस लगातार इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते रहे हैं।
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क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला?
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला पिछले कुछ वर्षों से राज्य की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बना हुआ है। आरोप है कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसियों के अनुसार, कई अयोग्य उम्मीदवारों को कथित रूप से पैसे लेकर नौकरी दी गई, जबकि योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिला।
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इस मामले की जांच पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुरू की थी, जिसके बाद वित्तीय पहलुओं की जांच के लिए ED भी सक्रिय हुई। एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी से खुला था मामला
23 जुलाई 2022 को ED ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के आवासों पर छापेमारी के बाद की गई थी।
छापों के दौरान एजेंसी ने 50 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और लगभग 4.5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए थे। इस बरामदगी ने पूरे देश का ध्यान इस घोटाले की ओर खींचा था और इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और कथित रूप से नौकरी के बदले धन लिया गया।
करोड़ों की संपत्तियां अटैच
ED इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। इस वर्ष जनवरी में एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में लगभग 57.78 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं।
इसके अलावा, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान अब तक कुल 154 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्तियां कथित रूप से अवैध धन से अर्जित की गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
इस मामले में 3 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। अदालत ने 25,000 से अधिक शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को गंभीर रूप से त्रुटिपूर्ण और दूषित बताया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ माना गया, क्योंकि इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
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अब ED के रडार पर Abhishek Banerjee
Abhishek Banerjee की ED के समक्ष पेशी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहस छेड़ दी है। भाजपा लगातार तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, जबकि TMC का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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