CM Dhami ने कल्याणकारी योजनाओं के तहत 10,709 लाभार्थियों को दी 18.49 करोड़ की राशि

उत्तराखंड के CM Dhami ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में, ‘उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर – DBT के ज़रिए)।

CM Dhami ने कहा कि राज्य के विकास में निर्माण श्रमिकों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ आसान, पारदर्शी और तय समय-सीमा के भीतर मिले।

धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र श्रमिक परिवार तक पहुँचे। उन्होंने उन्हें स्वास्थ्य जाँच के दौरान किसी बीमारी से पीड़ित पाए जाने वाले श्रमिकों के उचित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बिठाने का भी निर्देश दिया।

CM Dhami ने जन-कल्याण पर दिया जोर

त्योहारों का मौसम पास आ रहा है, इसलिए CM Dhami ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी योजनाओं के ज़रिए ज़्यादा से ज़्यादा जन-कल्याण और सेवा-भाव वाले काम करें।

उन्होंने मज़दूरों के बच्चों की शिक्षा, परिवार के पोषण, महिलाओं की सेहत और काम की जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पात्रता की जाँच और ज़िले-वार कवरेज की नियमित निगरानी करें ताकि योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता बनी रहे और दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले पात्र मज़दूर कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मौजूदा DBT के तहत 95 लाभार्थियों को मातृत्व सहायता, 177 को मृत्यु के बाद सहायता, 2,354 को बेटियों की शादी के लिए सहायता और 8,083 को शिक्षा संबंधी सहायता मिली। इस तरह, कुल 10,709 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिली।

बैठक में निर्माण कार्य में लगे मज़दूरों के परिवारों के लिए उत्तराखंड बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड द्वारा लागू किए जा रहे इंटीग्रेटेड वेलफेयर मॉडल की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी गई।

अब तक 33,429 एजुकेशनल मटीरियल किट, 26,674 हाइजीन किट और 23,216 न्यूट्रिशन किट बांटी जा चुकी हैं, जिससे बांटी गई कुल किट की संख्या 83,319 हो गई है।

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श्रमिक स्वास्थ्य जांच में हुई प्रगति

श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत, अब तक 20,527 हेल्थ स्क्रीनिंग और 2,32,281 हेल्थ टेस्ट किए जा चुके हैं। प्रेजेंटेशन के दौरान, अधिकारियों ने CM Dhami को लेबर सेस कलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (LCCMS) की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।

इस सिस्टम को 2025 में ई-गवर्नेंस कैटेगरी में SKOCH गोल्ड अवार्ड मिला। भारत सरकार के स्तर पर भी इसकी सराहना की गई है और इसे ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज कम्पेंडियम’ में शामिल किया गया है।

LCCMS के ज़रिए 21,200 संस्थानों को ऑनलाइन रजिस्टर किया गया है, जबकि सेस कलेक्शन में 47.21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस सिस्टम को एक डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के तौर पर भी पेश किया गया है जिसे पूरे देश में अपनाया जा सकता है।

CM Dhami ने ‘मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच से कुछ गंभीर बीमारियों का शुरुआती दौर में ही पता लगाने में मदद मिली है।

प्रेजेंटेशन में यह भी बताया गया कि मुंबई में आयोजित ‘नेशनल बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स कॉन्फ्रेंस’ में इस योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के इस मॉडल को अपने-अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई।

इस पहल के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट्स श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं देती हैं; इसे एक ऐसे मॉडल के तौर पर पेश किया गया जिसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है और दूसरी जगहों पर भी दोहराया जा सकता है।

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