KC Venugopal ने JP Nadda पर निशाना साधा, CEC को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया।

सोमवार को महासचिव KC Venugopal ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आरोपों की आलोचना करने वाले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के बारे में राहुल गांधी के दावों की पुष्टि खुद दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए आपत्तियों से हो गई है।

KC Venugopal ने नड्डा की उस टिप्पणी का जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के “झूठ” का पर्दाफाश कर दिया है और किसी झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता।

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कोई झूठ नहीं बोलते। वह सिर्फ सच बोलते हैं। इस बात की पुष्टि अब दो चुनाव आयुक्तों ने की है, न कि कांग्रेस नेताओं ने।”

KC Venugopal बोले- JP Nadda CEC का बचाव क्यों कर रहे हैं?

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का बचाव करने को लेकर नड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त के बारे में जो कुछ भी कह रहे हैं, वह अब सच साबित हो रहा है। नड्डा असल में ज्ञानेश कुमार का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं।

देश में कोई भी उनकी बातों पर यकीन नहीं करेगा। ये लोग लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। आप लोग उनसे पूछिए, हमसे नहीं। हम तो इस देश के लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने देश भर में विरोध प्रदर्शन करने के कांग्रेस के फैसले का भी बचाव किया और इसे चुनाव आयोग (EC) के कामों पर लोगों की प्रतिक्रिया बताया।

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र को खत्म करने वाली CEC की संविधान-विरोधी और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ देश के लोगों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। देखिए, किस तरह CEC ने दो चुनाव आयुक्तों की टिप्पणियों को नज़रअंदाज़ कर दिया।

इससे साफ पता चलता है कि CEC भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर साज़िश रच रहे थे।”उन्होंने कहा, “अब वे SIR फ़ॉर्म 6 में सुधार कर रहे हैं। उन्होंने खुद माना है कि वे दोषी हैं।”

KC Venugopal ने आगे कहा कि सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता देश भर में 1,000 से ज़्यादा जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “पूरे भारत में लोग विरोध कर रहे हैं। आज, 1,000 से ज़्यादा जगहों पर ज़िला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कल हमारी सभी DCC अध्यक्षों के साथ बैठक हुई थी।” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से लोगों में नाराज़गी है और आरोप लगाया कि हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में चुनाव कराने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।

KC Venugopal बोले- EC मुद्दे पर होगी रणनीति तय

KC Venugopal ने कहा, “आम राय यह है कि 2024 का चुनाव ‘चुराया हुआ चुनाव’ था, और ऐसा ही हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों के साथ भी हुआ।”कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पार्टी की आगे की रणनीति पर आने वाली बैठकों में चर्चा की जाएगी। EC के मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक मंगलवार को होनी है, जबकि INDIA ब्लॉक की बैठक 30 सितंबर को है।

SP प्रमुख अखिलेश यादव के INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल न होने पर KC Venugopal ने कहा कि यादव का राज्यसभा चुनाव नामांकन से जुड़ा पहले से तय कार्यक्रम था। उन्होंने कहा, “राज्यसभा चुनाव का नामांकन है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को यही बताया था।

उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अन्य सभी वरिष्ठ नेता आ रहे हैं। और हम बैठक में तय करेंगे कि आगे क्या करना है।” KC Venugopal की ये बातें EC और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच सामने आई हैं।

इससे पहले दिन में, नड्डा ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और चुनाव आयोग (EC) को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा, “अब चुनाव आयोग ने सारे झूठ बेनकाब कर दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जनहित की परवाह किए बिना “आरोप लगाते हैं और चले जाते हैं”।

नड्डा ने यह भी कहा कि किसी झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी, ध्यान से सुनिए—किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, और सच को कभी हराया नहीं जा सकता।”

उन्होंने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अपनी राजनीति में संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठाने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।

Fadnavis ने Rahul Gandhi के वोट चोरी के दावे को बेबुनियाद बताया।

Rahul Gandhi पर JP Nadda’ का तीखा वार

नड्डा ने कहा, “आरोप लगाना, भ्रम फैलाना, देश का माहौल खराब करना और फिर भाग जाना—यही उनका काम करने का तरीका बन गया है।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीजेपी सत्ता को देश के नागरिकों के हितों की सेवा करने का ज़रिया मानती है, जबकि उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद की राजनीति करने और अपने निजी हितों को साधने का आरोप लगाया।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है और आरोप लगाया है कि वे बीजेपी की विचारधारा को बढ़ावा दे रहे थे। कांग्रेस, CPI, CPI(M), तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) समेत विपक्षी दलों ने भी कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान SIR प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मामलों पर लिए गए फ़ैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

इन असहमतियों में फ़ॉर्म 6, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और वोटर लिस्ट के डेटाबेस तक पहुँच जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि आपत्तियां अंतिम फैसलों पर संस्थागत असहमति थीं।

चुनाव आयोग ने कहा कि ड्राफ्ट स्टेज के दौरान उठाए गए ऑपरेशनल सवाल, इनपुट और सुझाव उसकी सामान्य प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा थे। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े फैसलों सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और उन्हें तीनों आयुक्तों की मंजूरी मिली हुई थी।

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