पुणे जहरीली शराब कांड पर भड़के Aditya Thackeray, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। Aditya Thackeray ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन केवल दिखावटी कार्रवाई करता है, जबकि अपराधी बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं।

Aditya Thackeray का सरकार पर हमला

मीडिया से बातचीत के दौरान Aditya Thackeray ने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ केवल औपचारिक कार्रवाई करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारियां केवल दिखावे के लिए की जाती हैं और वास्तविक दोषियों तक पहुंचने में प्रशासन विफल रहता है। Aditya Thackeray ने हाल ही में सामने आए एक वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें पुणे पोर्श दुर्घटना के आरोपी को जेल से रिहा होने के बाद जश्न मनाते हुए देखा गया था।

Aditya Thackeray ने कहा कि यदि गंभीर मामलों के आरोपियों का इस तरह स्वागत होता है तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। Aditya Thackeray ने सवाल उठाया कि जब अपराधियों में कानून का भय नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।

शिवसेना (यूबीटी) ने बताया ‘जंगलराज’

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ में हुई मौतें महाराष्ट्र में बढ़ते अपराध और प्रशासनिक विफलता का उदाहरण हैं।

दुबे ने आरोप लगाया कि अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है और अपराधी बिना किसी डर के जहरीली शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान नहीं जाती।

मौतों का आंकड़ा बढ़कर 12 पहुंचा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें से आठ मौतें पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में हुई हैं जबकि चार लोगों की मौत पुणे शहर पुलिस क्षेत्र के हड़पसर इलाके में हुई।

पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सभी मृतकों के शराब सेवन करने की जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और विसरा जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि इस अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 27 मई तक पुणे शहर में अवैध शराब के खिलाफ लगभग एक हजार छापेमारी की जा चुकी है और अब अभियान को और तेज किया जा रहा है।

प्रशासन का दावा है कि पूरे रैकेट की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पीड़ित परिवारों ने मांगी न्याय और मदद

मृतकों में शामिल बाबा शेख के भाई अख्तर शेख ने बताया कि परिवार को शुरुआत में यह अंदाजा नहीं था कि मौत की वजह जहरीली शराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि पहले उनके भाई की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अगले दिन उनकी मौत हो गई। बाद में उनके एक मित्र की भी इसी तरह मौत होने के बाद परिवार को शक हुआ कि मामला जहरीली शराब का हो सकता है।

अख्तर शेख ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

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